भूपेश बघेल सरकार ने की धान की बम्पर खरीदी,तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
रायपुर, 08 फरवरी। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने इस साल बम्पर धान खरीदी करते हुए अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से एक बयान जारी करके जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर 97 लाख 97 हजार 122 मीट्रिक टन धान की खरीदी करके अपने पिछले साल के रिकार्ड को तोड़ते हुए एक नया रिकार्ड कायम किया है। कांग्रेस सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में बीते साल 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इस साल राज्य में एक दिसम्बर 2021 से शुरू हुआ धान खरीदी का महाअभियान आज 7 फरवरी को समाप्त हो गया है । सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस साल 21,77,283 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा है, जो की पिछले साल धान बेचने वाले 20,53,600 किसानों की संख्या से 1,23,683 अधिक है। बताया जा रहा है कि बारदाना संकट और जनवरी माह में बेमौसम बारिश के बाद भी राज्य में किसानों से बिना किसी व्यवधान धान खरीदी पूरा होना, अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार बीते तीन सालों में राज्य में धान उत्पादक किसानों की संख्या और उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।बताया गया है कि इस साल खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान बेचने के लिए कुल 24,06,560 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, किसानों के बोए गए धान का रकबा 30 लाख 10 हजार 880 हेक्टेयर है। जबकि पिछले साल पंजीकृत धान का रकबा 27 लाख 92 हजार 827 हेक्टेयर था। इस प्रकार एक साल के आंकड़े की ही तुलना करने पर धान बेचने के लिए रजिस्टर्ड किसानों की संख्या में लगभग सवा लाख और पंजीकृत धान के रकबे में 2 लाख 18 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में बघेल सरकार ने 2018 में चुनाव जीतने के बाद ही किसानो से किये गए वादे को निभाने के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र के मुताबिक किसानो को उनकी फसल का सही मूल्य देने के वादे के साथ ही फसल उत्पादकता और फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई थी । जिसके चलते छत्तीसगढ़ में किसानों की संख्या, खेती के रकबे और फसल उत्पादकता मेे लगातार बढ़ोत्तरी होते जा रही है।
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बढ़ाई गई थी धान खरीदी की मियाद
यह भी जानना जरूरी है की बीते महीने छत्तीसगढ़ में लगातार बेमौसम बारिश होने के बाद धान खरीदी प्रभावित होने से बढ़ी किसानों की चिंताये बढ़ गई थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी को एक सप्ताह तक बढ़ाये जाने की घोषणा की थी । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि राज्य के किसानों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में निर्णय लेती रहेगी।
छत्तीसगढ़ में 31 जनवरी तक धान खरीदी होनी थी ,जिसे 7 फरवरी तक बढ़ाया गया था। सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में लगातार बेमौसम बारिश के बाद कई जिलों में करीब एक सप्ताह तक धान खरीदी रुकी हुई थी और विपक्ष और किसान संगठन सरकर से लगातार धान खरीदी बढ़ाने की मांग कर रहे थे।












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