सिद्धू की प्रशंसा में केजरीवाल ने पढ़े कसीदे, कहा- वह ईमानदार शख्स, कांग्रेस कर रही उनकी आवाज दबाने की कोशिश
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पंजाब में कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की प्रशंसा में कसीदे पढ़े।
चंडीगढ़, 23 नवंबर। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पंजाब में कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की प्रशंसा में कसीदे पढ़े। उन्होंने सिद्धू की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

मैं सिद्धू के साहस को सलाम करता हूं
पंजाब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कल दावा किया था कि हमारी सरकार ने रेत माफियाओं को खत्म कर दिया है और रेत की कीमत भी कम कर दी है। उनके इस दावे पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धू ने कहा था कि यह जानकारी गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि रेत माफिया अभी भी सक्रिय है। मैं उनके साहस को सलाम करता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि सिद्धू ने खुद कहा था कि चन्नी झूठ बोल रहे हैं। सिद्धू जनता के केंद्रीय मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पहले ऐसा कैप्टन अमरिंदर कर रहे थे अब वही काम चन्नी कर रहे हैं।
सीएम चन्नी ने नहीं पूरे किये जनता से किए वादे
अरविंद केजरीवाल ने इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जनता से किए अपने वादों जैसे राज्य के लोगों को मुफ्त बिजली देना, मोहल्ला क्लिनिक बनाना आदि को पूरा नहीं किया है।
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AAP में शामिल हो सकते हैं सिद्धू
बता दें कि क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अवसरवादी बताया था और दावा किया था कि विधानसभा चुनावों से पहले वह आप में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पंजाब कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आप ने सिद्धू पर जमकर हमला बोला।
चुनाव सिर पर मगर खत्म नहीं हो रही कांग्रेस की अंदरूनी कलह
बता दें कि अगले साल होने वाले पंजाव विधानसभा चुनावों को अब कुछ ही समय बचा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह अभी समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। पहले सिद्धू के कैप्टन अमरिंदर से मतभेद थे और अब चन्नी के साथ भी उनके मतभेद सामने आ रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो इसका भारी नुकसान कांग्रेस को आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ सकता है।












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