Petrol Price: कहीं ₹112 तो कहीं ₹99! एक ही देश में पेट्रोल के दाम इतने अलग क्यों? किस शहर में सबसे महंगा तेल
Petrol Price: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो गई है। पिछले आठ दिनों में तीसरी बार तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल करीब ₹1 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी इस बात को लेकर है कि एक ही देश में अलग-अलग शहरों में पेट्रोल के दामों में ₹10 से ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है।
जहां दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं हैदराबाद में यही पेट्रोल ₹112.81 प्रति लीटर पहुंच गया है। यानी दोनों शहरों के बीच करीब ₹13 का फर्क है। सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है?

किस शहर में कितना महंगा पेट्रोल?
पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव और संकट की वजह से कच्चे तेल के बाजार में उथल-पुथल मची है। तेल कंपनियों को प्रति लीटर करीब 8 से 10 रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। यही वजह है कि कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों को बढ़ाकर इस घाटे की भरपाई कर रही हैं।
ताजा दरों के मुताबिक हैदराबाद देश का सबसे महंगा पेट्रोल वाला बड़ा शहर बन गया है। यहां पेट्रोल ₹112.81 प्रति लीटर पहुंच चुका है। इसके बाद तिरुवनंतपुरम में कीमत ₹112.64 प्रति लीटर दर्ज की गई।
- हैदराबाद: ₹112.81
- तिरुवनंतपुरम: ₹112.64
- पटना: ₹111.00
- कोलकाता: ₹110.64
- जयपुर: ₹109.84
- मुंबई: ₹108.49
- बेंगलुरु: ₹108.09
- भुवनेश्वर: ₹106.18
- चेन्नई: ₹105.31
- गुवाहाटी: ₹105.10
- दिल्ली: ₹99.51
आपको जानकर हैरानी होगी कि हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम देश के ऐसे दो शहर बन गए हैं, जहां डीजल की कीमत भी 100 रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है।
आखिर अलग-अलग राज्यों में दाम अलग क्यों?
बहुत से लोगों को लगता है कि तेल कंपनियां अलग-अलग शहरों में मनमाने दाम वसूलती हैं, लेकिन असली वजह टैक्स सिस्टम है। केंद्र सरकार पूरे देश में एक्साइज ड्यूटी एक जैसी रखती है, लेकिन राज्य सरकारें अपने हिसाब से VAT और लोकल सेस लगाती हैं। यही कारण है कि हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत अलग हो जाती है। किसी राज्य में VAT ज्यादा है, तो कहीं रोड डेवलपमेंट सेस या सोशल सिक्योरिटी सेस अलग से लगाया जाता है।
तेलंगाना-आंध्र में सबसे ज्यादा टैक्स
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा रहने की सबसे बड़ी वजह ऊंचा राज्य टैक्स माना जा रहा है। आंध्र प्रदेश में सरकार पेट्रोल पर करीब 31% VAT के साथ अतिरिक्त ₹4 प्रति लीटर शुल्क और रोड डेवलपमेंट सेस भी लेती है। इससे कुल टैक्स बोझ करीब 35% तक पहुंच जाता है।
इसी तरह केरल में भी ऊंचा बेस VAT और अतिरिक्त सोशल सिक्योरिटी सेस लगाया जाता है। यही वजह है कि वहां कई शहरों में पेट्रोल ₹113 प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है।
दिल्ली और BJP शासित राज्यों में राहत क्यों?
दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में पेट्रोल अपेक्षाकृत सस्ता है। इसकी वजह यहां अपेक्षाकृत कम VAT और लोकल सेस का न होना है। दिल्ली में पेट्रोल अभी ₹99.51 प्रति लीटर है, जो देश के कई बड़े शहरों से काफी कम है। इसी तरह गुजरात और यूपी में भी कीमतें ₹95 से ₹98 प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं।
आगे और महंगा हो सकता है पेट्रोल? (Will Fuel Prices Rise Further)
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर ₹8-10 प्रति लीटर तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
यही वजह है कि कंपनियां धीरे-धीरे छोटे-छोटे चरणों में दाम बढ़ा रही हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को और महंगे पेट्रोल-डीजल का सामना करना पड़ सकता है।














Click it and Unblock the Notifications