कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता क्या चाहते हैं? बवाल के बीच आया एक और नया ट्विस्ट
Cockroach Janta Party (Abhijeet Dipke): सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा चर्चा जिस डिजिटल कैंपेन की हो रही है, वह है "Cockroach Janta Party" यानी CJP। मीम, व्यंग्य और युवा गुस्से के सहारे शुरू हुआ यह ऑनलाइन मूवमेंट अब राजनीतिक विवाद, सरकारी कार्रवाई और सुरक्षा चिंताओं के बीच फंस चुका है। लेकिन इस पूरे शोर में सबसे ज्यादा चिंता अगर किसी को है, तो वह हैं इसके संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता।
वे खुलकर कह रहे हैं कि उन्हें अपने बेटे की सुरक्षा का डर है। उनका साफ कहना है कि अभिजीत राजनीति से दूर रहे, सुरक्षित घर लौट आए और किसी सामान्य नौकरी पर ध्यान दे। दूसरी तरफ खुद अभिजीत का दावा है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।

🔷क्यों बढ़ी अभिजीत और उनके परिवार की चिंता?
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक युवक कथित तौर पर उन्हें और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक बातें करता दिख रहा है। अभिजीत ने दावा किया कि उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन इन मामलों पर कोई कार्रवाई करेगा।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अभिजीत ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है, लेकिन उनके परिवार को इसकी कीमत नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में मौजूद उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर वह बेहद चिंतित हैं।
30 वर्षीय अभिजीत फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं, जहां वह पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। उनका परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहता है। अभिजीत का कहना है कि उन्हें लगातार ऐसे संदेश मिल रहे हैं, जिनमें डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
🔷अभिजीत के माता-पिता आखिर क्या चाहते हैं? (What Abhijeet Dipke's Parents Want)
एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में अभिजीत के पिता भगवान दीपके और मां अनीता दीपके ने खुलकर अपनी चिंता जाहिर की। उनके पिता ने कहा कि आज की राजनीति का माहौल देखकर डर लगना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा खुद इंटरव्यू में भारत लौटने पर गिरफ्तारी की आशंका जता चुका है।
भगवान दीपके ने बताया कि वह हमेशा चाहते थे कि अभिजीत किसी शहर में सामान्य नौकरी करे, न कि राजनीति या विवादों में उलझे। उन्होंने कहा कि पहले भी जब अभिजीत आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ा था, तब उन्होंने उसे समझाया था कि परिवार राजनीति से दूर है और उसे सर्विस सेक्टर में करियर बनाना चाहिए।
उनकी मां अनीता दीपके ने और भी भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह सिर्फ चाहती हैं कि उनका बेटा सुरक्षित वापस लौट आए। उन्होंने साफ कहा कि वह इस राजनीतिक कैंपेन का समर्थन नहीं करतीं और लगातार चिंता में हैं कि आगे क्या होगा। परिवार का सबसे बड़ा डर यही है कि सोशल मीडिया पर अचानक मिली लोकप्रियता कहीं अभिजीत के लिए कानूनी या राजनीतिक मुश्किल न बन जाए।
🔷एक हफ्ते में कैसे वायरल हो गई CJP?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में हुई थी। इसकी पृष्ठभूमि 15 मई की उस टिप्पणी से जुड़ी है, जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कुछ युवाओं को लेकर "कॉकरोच" शब्द का इस्तेमाल किया था।
इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। हालांकि बाद में CJI ने स्पष्ट किया कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका इशारा फर्जी डिग्री लेकर पेशे में आने वालों की तरफ था, न कि देश के युवाओं की तरफ।
इसी विवाद के बाद अभिजीत दीपके ने "कॉकरोच जनता पार्टी" लॉन्च की। शुरुआत में इसे एक मीम और व्यंग्य अभियान माना गया, लेकिन कुछ ही दिनों में यह युवाओं के गुस्से, बेरोजगारी, एग्जाम विवाद और सिस्टम विरोधी भावनाओं का बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े और सोशल मीडिया पर यह ट्रेंडिंग चर्चा का हिस्सा बन गया।
🔷वेबसाइट और अकाउंट ब्लॉक होने के पीछे क्या वजह बताई गई?
विवाद तब और बढ़ गया जब CJP का X अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया और बाद में इसकी वेबसाइट भी बंद हो गई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट के आधार पर की।
सूत्रों का दावा था कि अकाउंट पर मौजूद कुछ कंटेंट "भड़काऊ" माने गए और युवाओं के बीच तेजी से फैल रहे थे। इसी वजह से राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई। अभिजीत दीपके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके अभियान को नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे आंदोलनों से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि उनका पूरा अभियान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है।
🔷बीजेपी नेताओं ने क्या आरोप लगाए? (BJP Target Abhijeet Dipke)
इस पूरे विवाद में बीजेपी नेताओं ने भी अभिजीत दीपके को सीधे निशाने पर लिया। बीजेपी सांसद Nishikant Dubey ने सोशल मीडिया पर अभिजीत की तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाए कि वह बोस्टन किसके पैसों से गए और क्या विदेशी ताकतें इस अभियान को समर्थन दे रही हैं।
वहीं बीजेपी युवा मोर्चा के नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने अभिजीत के पुराने ट्वीट शेयर करते हुए उन पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। इन हमलों के बाद अभिजीत ने कहा कि कई लोग उनके अभियान को बदनाम करने का मौका ढूंढ रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी किसी बड़े सड़क प्रदर्शन की योजना नहीं है और जो भी कदम उठाया जाएगा, वह पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में होगा।
🔷क्या CJP सिर्फ मीम है या नया युवा दबाव समूह?
अभिजीत दीपके का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने इसे सिर्फ व्यंग्य के तौर पर शुरू किया था, लेकिन अब बड़ी संख्या में युवा उनसे पीछे न हटने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में यह एक "युवा पॉलिटिकल फ्रंट" या प्रेशर ग्रुप की तरह काम कर सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी कहानी यह है कि एक ऑनलाइन मीम कैंपेन ने देश में राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक बहस छेड़ दी है। लेकिन इस बहस के बीच एक परिवार लगातार डरा हुआ है, जो सिर्फ यही चाहता है कि उनका बेटा सुरक्षित रहे और किसी बड़ी मुसीबत में न फंसे।















Click it and Unblock the Notifications