Petrol-Diesel Rate: तेल की मार, 80,80,80,80,50,30...जानिए कैसे धीरे से जोर का झटका दे रही हैं तेल कंपनियां
Petrol-Diesel Rate: तेल की मार, धीरे-धीरे से जोर का झटका दे रही है तेल कंपनियां
नई दिल्ली, 28 मार्च। जैसा की पहले से अनुमान लगाया जा रहा था और जानकार भी इस बात की अंदेशा लगा रहे थे कि पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी तेजी आएगी, वैसा ही अब देखने को मिल रहा है। नवंबर 2021 से 22 मार्च 2022 तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे हैं, लेकिन अब पिछले सात दिनों से तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। अगर पिछेल सात दिनों के आंकड़ों को देखें को 7 दिनों में 6 बार तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर दी है।
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तेल की मार
पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार हो रही तेजी रही है। पिछले सात दिनों में 6 दिन तेल कंपनियों ने तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पिछले छह दिनों में पेट्रोल 4 रुपए तो डीजल की कीमत में 4.10 रुपए की बढ़ोतरी हो रही हूं। अगर आप सोच रहे हैं कि ये तेजी यहीं थमने वाली है तो आप गलत है। आने वाले दिनों में ये तेजी अभी जारी रहने की उम्मीद है। बाजार जानकारों की माने तो तेल की कीमत में अभी 25 रुपए तक की तेजी आने की संभावना है।

कब-कब बढ़े दाम
अगर पिछले सात दिनों में देखें तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 6 दिन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की तो वहीं एक दिन दाम को स्थिर रखा है। 28 मार्च को पेट्रोल की कीमत में 30 पैसे की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.41 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं इससे पहले 22 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़तोरी की गई। अगले दिन 23 मार्च को पेट्रोल-डीजल की कीमत में फिर से 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद 24 मार्च को तेल के दाम स्थिर रहे, लेकिन अगले ही दिन 25 मार्च को तेल कंपनियों ने फिर से जोर का झटका दिया और पेट्रोल-डीजल की कीमत में 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई। 26 मार्च को भी लोगों को राहत नहीं मिली और पेट्रोल-डीजल के दाम और 80 पैसे बड़ा दिए गए। 27 मार्च को तेल की कीमतों में 50 पैसे की बढ़ोतरी हुई तो 28 मार्च को पेट्रोल के दाम में 30 पैसे और डीजल के दाम में 35 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

क्यों बढ़ रहे हैं तेल की कीमत
यूक्रेन-रूस के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आई तो वहीं पिछले 4 महीनों से तेल मार्केटिंग कंपनियों को बढ़ा नुकसान हो रहा था। तेल कंपनियों पर कीमतों को स्थिर रखने का दवाब था, जिसके कारण उनपर दवाब बढ़ रहा था। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। मूडीज की एक रिपोर्ट की माने तो पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की, जिसके कारण इन तेल कंपनियों को 19000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक IOC को 1.1 अरब डॉलर, BPCL को 55, HPCL को 55 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है । अब इस नुकसान की भरपाई करने के लिए तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर रही है। रिपोर्ट की माने तो इस नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 20 से 25 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है।












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