यूक्रेन-रूस वॉर के चलते भारत में बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, केंद्र सरकार कर रही मंथन
नई दिल्ली, 24 फरवरी। यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद से दुनियाभर के देश इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस बीच यूक्रेन और रूस के बीच तनाव को लेकर भारत में भी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ इगोर पोलिखा ने पीएम मोदी से अपील की थी कि वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन से बात करें और उन्हें समझाएं। सूत्रों के मुताबिक इसी क्रम में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच एक अहम बैठक हो सकती है।

24 फरवरी की सुबह यूक्रेन सीमा पर सैन्य अभियान शुरू करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की घोषणा के बाद से एक तरफ जहां भारत समेत कई देश गंभीर चिंतन में पड़ गए हैं वहीं, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग आठ वर्षों के बाद 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। जानकारों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव से तेल की कीमतें और बढ़ेंगी।
यह भी पढ़ें: शी जिनपिंग ने कहा था- हर हद पार कर निभाएंगे पुतिन से दोस्ती... और रूस ने यूक्रेन पर कर दिया हमला
सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय और तेल मंत्रालय ने वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल पर विस्तृत चर्चा की। पीएमओ ने वित्त मंत्रालय से भारत में मौजूदा उत्पाद शुल्क स्तरों का पुनर्मूल्यांकन करने को कहा है। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्रालय इस बात का विश्लेषण कर रहा है कि इस भू-राजनीतिक संकट के बीच सरकार उत्पाद शुल्क की कितनी मार झेल सकती है।
बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
गौरतलब है कि पिछले साल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। आम आदमी को कुछ राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 3 नवंबर को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: 5 रुपए और 10 रुपए की कटौती करने की थी। केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चलते हुए कई राज्यों ने ईंधन की कीमतों पर वैट कम किया था। तब से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं।












Click it and Unblock the Notifications