• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जारी होने के 2 साल बाद ही बंद हुई की 2000 के नोटों की छपाई, अब सरकार ने दिया बड़ा बयान

|

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद जारी किए जाने के दो साल बाद ही 2000 रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद सरकार ने इसपर अपनी सफाई दी है। 2000 रुपए के नोटों की छपाई बंद करने पर आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सरकार की ओर से सफाई दी और ट्वीट कर लिखा कि 2000 के नोटों की संख्या पर्याप्त है। बाजार में 2000 रुपए के नोटों की कोई कमी है, जिसकी वजह से 2000 रुपए के नोटों की छपाई को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

 India stops printing new Rs 2,000 notes, Know What Modi Government say on this Report

आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि अनुमानित जरूरतों के मुताबिक नोटों की छपाई की योजना बनती है। वर्तमान में सिस्टम में कुल सर्कुलेशन के 35 फीसदी नोट 2000 रुपए के हैं, जो कि पर्याप्त से अधिक है। पर्याप्त मात्रा में होने की वजह से 2000 रुपए के नोटों की छपाई को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

आपको बता दें कि हाल ही में मीडिया में रिपोर्ट्स आई कि आरबीआई ने 2000 रुपए के नोटों की प्रिटिंग रोक दी है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों में मार्च, 2017 के अंत तक 328.5 करोड़ इकाई 2000 के नोट चलन में थे, वहीं 31 मार्च, 2018 के अंत तक इन नोटों की संख्या 336.3 करोड़ हुई। 2000 रुपए के नोटों में मामूली बढ़त हुई। इस रिपोर्ट पर अब सरकार ने अपनी राय रखी है। गौरतलब है कि 2016 में नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को पूरी तरह से बैन कर दिया। जिसके बाद आरबीआई ने 2000 रुपए के नोट और 500 रुपए के नए नोट जारी किए।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Economic Affairs Secretary Subhash Chandra Garg on Friday asserted that the government there was "no decision" on printing Rs. 2,000 notes as there are "more than adequate" in the system.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more