जल्द सस्ता होगा Home loan! RBI कर सकता है रेपो रेट में कटौती, जानें कब से मिलेगा फायदा?
Home Loan Interest Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति को लेकर एक नई रिपोर्ट ने आम लोगों, खासकर होम लोन लेने वालों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। बीते कुछ महीनों में महंगाई में आई गिरावट और अर्थव्यवस्था में धीमेपन को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि RBI जल्द ही रेपो रेट में कटौती कर सकता है। अगर यह होता है, तो लोगों की EMI सस्ती होगी और घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए यह समय और भी अनुकूल बन सकता है।
HSBC की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस साल दिसंबर में रेपो रेट में 0.25% की और कटौती कर सकता है, जिससे यह 2025 के अंत तक 5.25% तक पहुंच सकता है। यह फैसला देश में महंगाई में कमी और आर्थिक सुस्ती के संकेतों को देखते हुए लिया जा सकता है। जून में महंगाई घटकर 2.1% रह गई थी, जो RBI के अनुमान से कम है। इसका मतलब है कि होम लोन और सस्ते हो सकते हैं, जिससे EMI का बोझ कम होगा और मकान खरीदना और भी आसान हो सकता है।

साल के अंत तक रेपो रेट 5.25% तक आ सकती है
HSBC ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त और अक्टूबर 2025 की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठकों में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, दिसंबर में RBI द्वारा 25 बेसिस पॉइंट की अंतिम कटौती की संभावना जताई गई है, जिससे साल के अंत तक रेपो रेट 5.25% तक आ सकती है। यह अनुमान हाल ही में महंगाई दर में आई गिरावट को देखते हुए लगाया गया है, जिससे होम लोन और अन्य उधारी सस्ती हो सकती है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिए संकेत
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने CNBC TV18 से बातचीत में संकेत दिया कि रेपो रेट में आगे कटौती की संभावना महंगाई में कमी और आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार दोनों पर निर्भर करेगी। उन्होंने बताया कि पहले ही फरवरी, अप्रैल और जून 2025 में रेपो रेट में क्रमश: 0.25 और 0.50 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा चुकी है, जिससे यह दर 6.00% से घटकर और नीचे आ चुकी है। आगे का फैसला भी इन्हीं आर्थिक संकेतकों पर आधारित होगा।
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जून 2025 में घटी खुदरा महंगाई दर
जून 2025 में खुदरा महंगाई दर (CPI) घटकर 2.1% पर आ गई, जो मई में 2.8% थी। यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण आई है। रिपोर्ट के अनुसार, आगामी तिमाही में मुद्रास्फीति और घटकर औसतन 2.7% रह सकती है, जो भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानित 2.9% से भी कम है। यह ट्रेंड रेपो रेट में संभावित कटौती के लिए अनुकूल माहौल बना सकता है।
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