Shiv Ratan Agarwal: नहीं रहे भुजियारत्न शिव अग्रवाल 'बीकाजी', 8 वीं पास ने कैसे खड़ी की करोड़ों की कंपनी?
Shiv Ratan Agarwal: एक दुखद खबर बिजनेस जगत से हैं, बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन और 'भुजिया रत्न' के नाम से मशहूर शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक 74 वर्षीय अग्रवाल ने बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली, हालांकि निधन का कारण अभी तक सपष्ट नहीं है।
कहा जा रहा है कि उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बाईपास सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी, जिसके चलते शिव रतन अग्रवाल चेन्नई में ही रुके हुए थे। आपको बता दें कि आज तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक साथ मतदान हो रहा है, जहां एक ओर लोग लोकतंत्र का पावन पर्व सेलिब्रेट कर रहे हैं वहीं शिव रतन के निधन के बाद से उद्योग जगत में मातम पसर गया है।

गौरतलब है कि शिवरतन अग्रवाल उद्योग जगत का लोकप्रिय नाम थे, उन्होंने अपने दम पर बीकाजी ब्रांड की स्थापना की और उसे सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाया था। शिव रतन अग्रवाल ने साल 1993 मशहूर फ़ूड ब्रांड 'बिकाजी फ़ूड्स इंटरनेशनल' की नींव रखी। इस नाम के लिए उन्होंने बीकानेर के संस्थापक 'बिका राव' से प्रेरणा ली और सम्मान के तौर पर नाम के साथ 'जी' शब्द जोड़ा।
दृढ़ संकल्प और इनोवेशन की मिसाल थे Shiv Ratan Agarwal
आज ये एक मल्टी-करोड़ कंपनी है, जो अपने पारंपरिक भारतीय स्नैक्स और मिठाइयों के लिए जानी जाती है। भारत के कारोबारी जगत में, शिवरतन अग्रवाल दृढ़ संकल्प और इनोवेशन की एक मिसाल बनकर खड़े रहे। आठवीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ देने वाले अग्रवाल ने, बिकाजी फ़ूड्स इंटरनेशनल को खड़ा करने के लिए अनगिनत चुनौतियों का सामना किया। उनके परिवार के साधारण 'भुजिया बनाने के कारोबार' से लेकर करोड़ो का ब्रांड बनाने तक का उनका सफ़र, उनकी लगन, सूझ-बूझ और सपनों की ताक़त का जीता-जागता सबूत है।
'हल्दीराम' भुजियावाला के पोते थे Shiv Ratan Agarwal
शिवरतन का जन्म राजस्थान के बीकानेर में एक ऐसे परिवार में हुआ था, जिसकी जड़ें नाश्ता बनाने की कला से जुड़ी थीं। शिवरतन अग्रवाल, भारतीय नाश्ता उद्योग के मशहूर व्यक्ति गंगाभिशन 'हल्दीराम' भुजियावाला के पोते थे। उनके पिता, मूलचंद अग्रवाल ने भुजिया बनाने के क्षेत्र में परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। राजस्थान के बीकानेर में पले-बढ़े शिवरतन ने पारिवारिक व्यवसाय में गहरी रुचि दिखाई और अपने दादाजी के मार्गदर्शन में भुजिया बनाने की कला में महारत हासिल की।
'World's Billionaires list 2024' में शामिल थे शिव रतन अग्रवाल
उनके मार्गदर्शन में, कंपनी ने भुजिया, नमकीन, पैक्ड मिठाइयों और रेडी-टू-ईट उत्पादों सहित अपने पोर्टफोलियो का विस्तार किया। इन वर्षों में, बीकाजी ने भारत और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में एक सशक्त पहचान बनाई है। शिवरतन अग्रवाल फोर्ब्स की 'World's Billionaires list 2024' में भी शामिल थे। फोर्ब्स मैगज़ीन के अनुसार, उनकी रियल-टाइम नेट वर्थ 10,830 करोड़ रुपये है और बीकाजी 19,621 करोड़ रुपये की कंपनी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताया दुख
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 'जाने-माने उद्योगपति के निधन की खबर बेहद दुखद है। बिकाजी ब्रांड के जरिए, उन्होंने बीकानेरी भुजिया को वैश्विक पहचान दिलाई। उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है। मैं दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।'












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