हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना पश्चिम बंगाल का यह हिंदू परिवार, पिछले 50 सालों से कर रहा मस्जिद की देखभाल
पश्चिम बंगाल के 24 परगना में रहने वाला यह हिंदू परिवार तो पिछले 50 सालों से पिछले 50 वर्षों से यहां बारासात में अमानती मस्जिद के कार्यवाहक के रूप में कार्य कर रहा है और मस्जिद की प्रत्येक ईंट की हिफाजत कर रहा है।
कोलकाता, 20 फरवरी। जहां एक तरफ पूरी दुनिया में जात, धर्म और मजहब के नाम पर मार काट मची हुई है, वही दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं सांप्रदायिक सद्भाव और अमन चैन को कायम रखने का बीड़ा अपने कंधों पर उठाए हुए हैं। उन्हीं में से एक है पश्चिम बंगाल के 24 परगना में रहने वाला यह हिंदू परिवार तो पिछले 50 सालों से पिछले 50 वर्षों से यहां बारासात में अमानती मस्जिद के कार्यवाहक के रूप में कार्य कर रहा है और मस्जिद की प्रत्येक ईंट की हिफाजत कर रहा है।
यह भी पढ़ें: सीएम भूपेश बघेल और सलमान की हुई फोन पर बात,छत्तीसगढ़ में शूटिंग कर सकते हैं सलमान खान

50 सालों से मस्जिद की देखभाल कर रहा है बोस परिवार
उत्तर 24 परगना के बारासात के वरिष्ठ नागरिक दीपक कुमार बोस और उनके बेटे पार्थ सारथी बोस आज की दुनिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम कर रहे हैं। बोस परिवार पूरी शिद्दत के साथ इस अमानती मस्जिद के जीर्णोद्धार में लगा हुआ है। पिछले 50 वर्षों से दीपक बोस एक कार्यवाहक के रूप में हर दिन मस्जिद का दौरा करते हैं और इसके गलियारों को साफ करते हैं ताकि मुस्लिम लोग अपनी प्रार्थना के दौरान सहज महसूस कर सकें। यहां गौर करने वाली बात ये है कि यह अमानती मस्जिद नबोपल्ली इलाके में स्थित है जो हिंदू बहुल इलाका है।

ऐसे बोस परिवार के संरक्षण में आई यह मस्जिद
दरअस्ल यह बात सन 1964 की है। बोस के परिवार ने अपनी खुलना (अब बांग्लादेश) स्थित जमीन को एक मुस्लिम परिवार को दे दिया था और बदले में उनसे उत्तर 24 परगना स्थित यह भूमि ले ली थी। उन्होंने पाया कि उस जमीन पर एक छोसी सी मस्जिद बनी हुई थी। जब वे यहां आए तो कई लोगों ने उनसे इस मस्जिद को तोड़ने का सुझाव दिया, लेकिन बोस परिवार ने उनकी बात नहीं मानी क्योंकि यह किसी की आस्था का विषय था।

किसी हिंदू परिवार ने दर्ज नहीं की कोई आपत्ति
दीपक कुमार बोस ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमने इसे पुनर्निर्मित करने का फैसला किया और तब से हम इस मस्जिद की देखभाल कर रहे हैं. विभिन्न इलाकों से मुस्लिम समुदाय यहां आकर नमाज अदा करते हैं और हमने रोजाना अजान के लिए एक इमाम नियुक्त किया है।' दीपक के बेटे पार्थ सारथी बोस ने कहा, 'हम हिंदुओं द्वारा मस्जिद की देखभाल करने पर अब तक किसी ने भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की है। हम सालों से मस्जिद की देखभाल कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों से मुझे कोई खतरा महसूस नहीं हुआ है- इमाम
दरअसल 2 किलोमीटर के दायरे में कोई मस्जिद नहीं है इसलिए अलग-अलग इलाकों के मुसलमान यहां इबादत करने आते हैं।' वहीं मस्जिद के इमाम सराफत अली ने कहा, 'मुझे स्थानीय लोगों के किसी प्रकार का खतरा महसूस नहीं हुआ है। 1992 से मैं लगातार लोगों से अजान के लिए आने के लिए कह रहा हूं। हम एकता और शांति में विश्वास रखते हैं।'
-
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List












Click it and Unblock the Notifications