Social Media पर पॉपुलर होने के लिए कुछ भी करने को तैयार! अर्थी के साथ शख्स ने बनाई रील
सोशल मीडिया का दौर कुछ ऐसा है कि यहां लोग वायरल होने के लिए कुछ भी कर बैठते हैं। हाल ही में एक शख्स ने उस वक्त हद ही मचा दी, जब वो पास रखे शव के पास बैठकर रील बनाने लगा। वहां सिर्फ वो ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी मौजूद थे, जो चीख चीखकर रो रहे थे। मगर शख्स की हरकत देख लोग भी हैरान रह गए।
शख्स एक गाने पर रील बना रहा है। जिसमें वो हाथों से इशारा भी कर रहा होता है। पास शव रखा हुआ है और जिसे देखकर वो गाने पर स्टेप कर रहा है। अपने आप में शर्मसार कर देने वाले इस मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस क्लिप को देखने के बाद लोग जमकर अपने रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने कहा कि लगता है कि मानवता मर गई है। वहीं दूसरे ने कहा कि संवेदनशीलता का बहुत तेजी से पतन हो रहा है। एक और ने कहा किकैसे समाज में जी रहे हैं हम। इंसान की संवेदना भी मर चुकी है क्या???
किसी का जिंदगी से चले जाना व्यक्तिगत क्षति होती है, इसका शोक भी व्यक्तिगत होता है। पर चंद Likes और followers के चक्कर में हम वो भी भूलते जा रहे हैं।
बताते चलें कि आज के डिजिटल युग में, सोशल मीडिया की प्रसिद्धि वरदान और अभिशाप दोनों हो सकती है। हालांकि ये भले ही लाखों लोगों तक पहुंचने का एक प्लेटफॉर्म देता है, मगर इसमें बहुत दबाव भी होता है। सोशल मीडिया पर वायरल होने का क्रेज कई बार लोगों के सिर चढ़कर बोलता है।
मेंटल हेल्थ पर इसका असर
ऑनलाइन आदर्श व्यक्तित्व बनाए रखने का दबाव मेंटल हेल्थ पर भारी पड़ सकता है। कई इन्फ्लुएंसर्स ने अपनी ऑनलाइन प्रेजेंस की निरंतर मांगों के कारण होने वाली चिंता और डिप्रेशन के बारे में बात की है। फॉलोअर्स खोने या नेगेटिव कमेंट्स मिलने का डर डरा देने वाला होता है।
लोकप्रिय यूट्यूबर जेन डो कहती हैं कि ये मछली के कटोरे में रहने जैसा है। आपकी हर हरकत पर हज़ारों लोग नज़र रखते हैं और फिर उसके बारे में सोचते हैं। ये जाहिर तौर पर काफी चौंकाने वाला और तनाव देने वाला हो सकता है।
निजी जीवन में संतुलन
एक और महत्वपूर्ण चुनौती है निजी जीवन और ऑनलाइन प्रसिद्धि के बीच संतुलन बनाना। कई इन्फ्लुएंसर्स अपने निजी जीवन को अपने सार्वजनिक व्यक्तित्व से अलग रखने के लिए संघर्ष करते हैं। कई बार ये धुंधलापन बर्नआउट का कारण बन सकता है क्योंकि उन्हें लगता है कि वे हमेशा 'ऑन' रहते हैं और कभी भी असल में वो ऑफ-ड्यूटी नहीं होते हैं।
दोधारी तलवार
सोशल मीडिया की पॉपुलैरिटी वास्तव में दोधारी तलवार है। एक तरफ, ये करियर विकास, ब्रांड साझेदारी और पैसे के लाभ के मौके देती है। वहीं दूसरी ओर, ये गहन जांच और दबाव लाती है जो किसी के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
इंस्टाग्राम इन्फ़्लुएंसर जॉन स्मिथ कहते हैं कि इसके फ़ायदे बहुत हैं, लेकिन जोखिम भी बहुत हैं। आपको एक ऐसा संतुलन बनाना होगा जो आपके लिए काम करे। जैसे-जैसे सोशल मीडिया लगातार विकसित हो रहा है, इन्फ्लुएंसर्स के लिए इस क्षेत्र में सोच-समझकर काम करना बहुत जरूरी हो गया है। दबावों को स्वीकार करके और उन्हें प्रबंधित करने के लिए सक्रिय कदम उठाकर, वे अपने मानसिक स्वास्थ्य से समझौता किए बिना अपनी ऑनलाइन उपस्थिति के लाभों का आनंद ले सकते हैं।
सोशल मीडिया पर मशहूर होने का सफर जटिल और बहुआयामी है। इसके लिए लचीलापन, आत्म-जागरूकता और इसके साथ आने वाले उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम की आवश्यकता होती है।












Click it and Unblock the Notifications