सैलरी से असंतुष्ट हरियाणा के इंजीनियरों ने नौकरी छोड़कर खोला बिरयानी स्टॉल, सैलरी से दोगुनी हो रही कमाई
हरियाणा के दो इंजीनियरों को ताउम्र किसी के आदेशों पर काम करना मंजूर नहीं हुआ और अच्छी खासी नौकरी को लात मारकर इन्होंने वेज बिरयानी का स्टॉल खोल लिया और आज इनकी कमाई नौकरी से मिलने वाली पगार से कहीं ज्यादा है।
चंडीगढ़, 12 मार्च। पढ़ाई पर लाखों रुपए खर्च करने के बाद जब किसी व्यक्ति की नौकरी लगती है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता और यदि नौकरी करते-करते उसे चार-पांच साल हो जाएं तो फिर वह नौकरी ही उसकी कमाई का जरिया बन जाती है। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो अपनी नौकरी से संतुष्ट भी नहीं होते, लेकिन फिर भी वह अपनी नौकरी को छोड़ने का जोखिम नहीं उठा पाते और अपनी पूरी जिंदगी उसी नौकरी में बिता देते हैं, लेकिन हरियाणा के इन दो इंजीनियरों को ताउम्र किसी के आदेशों पर काम करना मंजूर नहीं हुआ और अच्छी खासी नौकरी को लात मारकर इन्होंने वेज बिरयानी का स्टॉल खोल लिया और आज इनकी कमाई नौकरी से मिलने वाली पगार से कहीं ज्यादा है।
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हम बिरयानी बेचकर काफी खुश हैं
हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले सचिन और रोहित 9 से 5 की अपनी नौकरी और मिलने वाली पगार से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं थे। इसलिए दोनों ने नौकरी छोड़ 'इंजीनियर्स वेज बिरयानी' के नाम से बिरयानी का स्टॉल शुरू किया। सचिन और रोहित का कहना है कि वे बिरयानी बेचकर काफी खुश हैं।
बता दें कि सचिन ने पॉलिटेक्निक डिप्लोमा किया था जबकि रोहित ने बी.टेक की डिग्री ली थी। इसके बाद दोनों की नौकरी लग गई, लेकिन दोनों अपनी पगार से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं थे।

इंजीनियर्स बिरयानी में क्या है खास
भारत में शायद ही कोई ऐसा हो जिसे बिरयानी पसंद न हो। आम तौर पर बिरयानी 20, 30 या 40 रुपए की फुल प्लेट मिलती है, लेकिन इन दोनों की बिरयानी का रेट 70 रुपए है, वहीं यदि आप हाल्फ प्लेट खरीदते हैं तो आपको यह 50 रूपए की मिलेगी। दरअसल सचिन और रोहित ऑयल फ्री बिरयानी बेचते हैं। यही नहीं इनका दावा है कि बिरयानी बेचकर इनकी कमाई दोनों को मिलने वाली पगार से कहीं ज्यादा है।
इंजीनियर्स वेज बिरयानी के स्टॉल सोनीपत में कई जगह स्थापित किए जा चुके हैं और दोनों की योजना अपने इस बिजनेस को और बढ़ाने की है। यही नहीं आज सचिन और रोहित युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए है, वे लोगों को अच्छी कमाई के रास्ते तलाशने की सलाह देते है। दोनों का कहना है कि बेरोजगारी एक समस्या है, लेकिन इस समस्या को चुनौती देने के लिए हमें रास्ते तलाशने होंगे।

IIT के छात्र किशोर इंदुकुरी ने नौकरी छोड़कर शुरू किया डेयरी बिजनेस
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसी ने अपनी नौकरी छोड़ने का रिस्क उठाया हो। किशोर इंदुकुरी भी इन्हीं में से एक हैं। इंटेल के कर्मचारी और आईआईटी के छात्र रहे किशोर ने अमेरिका में अपनी अच्छी खासी नौकरी को लात मारकर भारत में अपना डेयरी का कारोबार शुरू किया। साल 2012 में डेयरी बिजनेस शुरू करने वाले इंदुकुरी ने 20 गायों के साथ अपना डेयरी का बिजनेस शुरू किया था। आज उनकी कंपनी प्रतिदिन 10,000 ग्राहकों तक अपना दूध सप्लाई करती है और कंपनी का सालाना आय 40 लाख रुपए है।












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