छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर है अजूबा, जहां धरती हिलती है, पानी बहता है नीचे से ऊपर !
Ambikapur of Chhattisgarh is a wonder, where the earth shakes! Water flows from the bottom up
अंबिकापुर, 07 जून। दुनियाभर में कई ऐसे स्थान है,जो रहस्यों से भरे पड़े है। लेकिन छत्तीसगढ़ अंबिकापुर में ऐसे कई स्थान हैं,जहां कदम कदम पर रोमांच के साथ आश्चर्य की अनुभूति होती है। अगर हम आपसे कहें कि छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पानी नीचे से ऊपर की तरफ बहता है और धरती हिलती है,तो शायद आप विश्वास ना करें,लेकिन यह सच है। आइये अंबिकापुर के बारे में कुछ रोचक तथ्य आपको बताते हैं।

नीचे से ऊपर की तरफ बहता है पानी
छत्तीसगढ़ के ऐसा राज्य है,जहां चारो तरफ हरे भरे खूबसूरत जंगल हैं। जहां सुंदर झरने और पहाड़ों से फैली खूबसूरती मन को सुकून देती है। प्रदेश के हर जिले में काफी कुछ खास है, लेकिन आप सरगुजा संभाग जाते हैं,तो वहां हरियाली साथ ही अजूबे भी देखने मिलते हैं। सरगुजा के अंबिकापुर में सबसे प्रसिद्ध स्थान मैनपाट है, जो छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर है।
जब आप मैनपाट के बिसरपानी जायेंगे ,तो देखेंगे कि वहां एक स्थान पर पानी उल्टा बहता दिखाई देता है यानि पानी नीचे से ऊपर की तरफ बहता है। उल्टा पानी नामक स्थान पर बनी एक एक कच्ची सड़क पर यदि आप अपनी कार को न्यूट्रल करके छोड़ देंगे तो वह खुद चढ़ान की ओर बढ़ने लगेगी।

बिना भूकंप हिलती है धरती
मैनपाट में ही दलदली नाम की जगह भी किसी अजूबे से कम नहीं हैं। इस स्थान पर स्पंज की तरह है ,यानि कोई कूदे तो धरती हिलती है। रोमांच पसंद करने वाले लोगों के लिए यह स्थान काफी अधिक पसंद किया जाता है, क्योंकि यहां मनोरंजन के साथ आश्चर्य भी होता है।
हर दिन सैकड़ों सैलानी इस स्थान पर पहुंचकर जमीन पर उछलते -कूदते हैं,जिससे जमीन भी रबर की सतह की तरह उछलती है। यह स्थान अंबिकापुर से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर है। बिना भूकंप के हिलने वाली दलदली की धरती करीब ढाई एकड़ में फैली है। स्थानीय ग्रामीण दलदली की जमीन से शंखनाद की ध्वनि निकलने की बाते भी कहते हैं।

पत्थर से निकलती है आवाज़
अंबिकापुर छिंदकालो गांव में एक प्रसिद्ध स्थान है, जिसे लोग ठिनठिनी पत्थर के नाम से जानते हैं। अंबिकापुर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर दरिमा हवाई पट्टी के के पास स्थित एक चट्टान में किसी दूसरे पत्थर से टकराने पर एक मधुर आवाज़ निकलती है। यह आवाज बिलकुल किसी धातु के कम्पन से निलकने वाली आगाज़ जैसी होती है।
जहां पत्थरों के टीले पर किसी पत्थर से को ठोकने पर ठन ठन की आवाज निकलती है। मानो पत्थर भीतर से खोखला हो। बहरहाल अंबिकापुर के अजूबों पर विज्ञान के अपने तर्क है,इसलिए हम इन्हे किसी दैवीय शक्ति से से जोड़कर नहीं देखना चाहते है। लेकिन यह सत्य है कि अगर आप अंबिकापुर घूमने जायेंगे,तो आपको बहुत मजा आने वाला है।

खूबसूरत स्थानों से भरा पड़ा है मैनपाट
मैनपाट में कई ऐसे स्थान है,जो बेहद खूबसूरत हैं। यहां टाइगर और फिश प्वाइंट बेहद ही खूबसूरती स्थान हैं। फिश पॉइंट में आपको रंगीन मछलियां नदी की धाराओं के विपरीत तैरती नजर आएंगीं। इसी प्रकार मैनपाट से करीब 8 किमी दूरी पर पहाड़ों से घिरा हुआ खूबसूरत झरना है। जिसको मेहता प्वाइंट के नाम से जाना जाता है। यह स्थान अपनी वनस्पतियों और जीव जन्तुओं मशहूर की विविधता के लिए भी मशहूर है। मैनपाट पहुंचने वाले सैलानी इस स्थानपर रूककर सेल्फी लेने से नहीं चूकते है।
यह भी पढ़ें कांग्रेस के मिशन गुजरात की राह में छत्तीसगढ़ बन सकता है रोड़ा, जानिए कैसे ?












Click it and Unblock the Notifications