फैसल खान या रौशन आनंद? पटना कोचिंग विवाद में किसके सपोर्ट में Avadh Ojha ने खोला मोर्चा
Patna Coaching Controversy: बिहार की राजधानी पटना में देश के दो सबसे बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई अब पुलिसिया कार्रवाई और अदालती चक्करों में बदल चुकी है। 'खान ग्लोबल स्टडीज' के संचालक फैसल खान उर्फ खान सर और 'ज्ञान बिंदु एकेडमी' के डायरेक्टर रौशन आनंद के बीच छिड़ी इस सियासी और व्यावसायिक जंग ने पूरे शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच देश के मशहूर इतिहास शिक्षक और मोटिवेटर अवध ओझा सर की एंट्री हो गई है।
आइए जानते हैं कि दो बड़े कोचिंग गुरुओं के बीच यह विवाद आखिर शुरू कैसे हुआ, जमीन पर इस वक्त क्या हालात हैं और इस पूरे बवाल पर अवध ओझा ने किसके सपोर्ट में मोर्चा खोला है।

पोस्टर और बैनर से शुरू हुआ विवाद, फायरिंग तक पहुंचा
इस खतरनाक विवाद की पटकथा बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद लिखी गई थी। रिजल्ट जारी होते ही दोनों ही कोचिंग संस्थानों ने अपने यहां से सबसे ज्यादा छात्रों के चयन का दावा ठोक दिया। पूरे पटना में दोनों तरफ से सम्मान समारोह आयोजित किए गए और पोस्टर-बैनर लगाने की होड़ मच गई।
विवाद तब बढ़ा जब आरोप लगा कि खान सर के स्टाफ ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के बोर्ड के ऊपर अपना बैनर चिपका दिया। इसके बाद टकराव की स्थिति पैदा हो गई। मामला इतना बढ़ा कि मंगलवार देर रात खान एकेडमी के बाहर जमकर तोड़फोड़, पथराव और मारपीट हुई।
केस में आए दो बड़े मोड़
1. रौशन आनंद की गिरफ्तारी: तोड़फोड़ और पथराव के मामले में खान एकेडमी के मैनेजर की शिकायत पर कदमकुआं थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
2. फायरिंग का वीडियो वायरल: रौशन आनंद की गिरफ्तारी के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान सर के दो बॉडीगार्ड हवा में फायरिंग करते दिखे। फॉरेंसिक जांच (FSL) और दोनों गार्डों की गिरफ्तारी के बाद केस पूरी तरह पलट गया। गार्ड्स ने पुलिसिया पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने खान सर के आदेश पर ही गोलियां चलाई थीं।
खान सर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
गार्ड्स के कबूलनामे के बाद पटना पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज कर फैसल खान उर्फ खान सर को नामजद आरोपी बना दिया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का प्रयास (धारा 109) और आर्म्स एक्ट की गंभीर व गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं।
ग्राउंड जीरो पर क्या हैं हालात?
- अंडरग्राउंड हुए खान सर: एफआईआर दर्ज होने और पुलिस की विशेष टीम (जिला जांच इकाई) के गठन के बाद से ही खान सर अंडरग्राउंड हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे वकीलों की फौज से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) को लेकर कानूनी सलाह ले रहे हैं ताकि सीधे कोर्ट में सरेंडर कर सकें।
- रातभर डटे रहे छात्र: पटना पुलिस भारी बल के साथ जब खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची, तो हजारों की संख्या में छात्र रातभर वहीं डटे रहे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते रहे। छात्रों के उग्र प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है और शाम ढलने या कोचिंग का समय खत्म होने का इंतजार कर रही है।
- पप्पू यादव और छात्र नेताओं के अलग सुर: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इस विवाद पर कहा कि प्रतिस्पर्धा बुरी नहीं है, लेकिन दोनों शिक्षकों के साथ क्रिमिनल जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। वहीं, छात्र नेता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि रौशन आनंद की गिरफ्तारी सुनियोजित थी और पुलिस खान सर के इशारे पर काम कर रही थी, इसलिए खान सर को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
किसके सपोर्ट में उतरे अवध ओझा सर?
पटना के इस बेहद संवेदनशील और बड़े कोचिंग विवाद पर देश के जाने-माने शिक्षक और यूट्यूबर अवध ओझा खुलकर फैसल खान (खान सर) के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने खान सर का पक्ष लेते हुए विरोधियों और राजनेताओं पर तीखा हमला बोला है।
अवध ओझा सर ने खान सर के बचाव में क्या दलीलें दीं
अवध ओझा सर ने अपने बयान में कहा कि, 'खान सर की कोचिंग पर हमला हो गया। क्यों उलझ रहे हो टीचरों से? वो एक शिक्षक है, पढ़ा रहा है और कितने बढ़िया-बढ़िया काम कर रहा है। हॉस्पिटल खोल दिया उसने, और क्या लोगे किसी शिक्षक से? मैंने देश के किसी ऐसे नेता को नहीं देखा, जिसने अस्पताल में सौ रुपए की जांच का सेंटर खुलवा दिया हो। यहां तो खूब भर-भरकर पैसा लिया जाता है। सारे नेताओं के अपने स्कूल और अस्पताल चल रहे हैं।'















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