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Tejashwi Yadav मीडिया पर भड़के, 'ऐसे सूत्र को हम मूत्र समझते हैं', BJP ने याद दिलाई आपातकाल की

Tejashwi Yadav News: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विधानसभा में नेता विपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान आरजेडी लीडर की मीडिया से नाराजगी अक्सर ही नजर आ जाती है। कुछ दिन पहले उन्होंने प्रेस पर अपना गुस्सा निकाला था और अब एक बार फिर ऐसा ही हुआ है। उन्होंने मीडिया के एक सवाल पूछने पर तंज करते हुए कहा कि ऐसे सूत्र को मैं मूत्र समझता हूं।

तेजस्वी यादव के इस बयान पर राजनीतिक बवाल भी शुरू हो गया है। बीजेपी ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए आरजेडी के शासनकाल में पत्रकारों की हत्या और मीडिया पर हुए हमले की याद दिलाई है। बीजेपी ने पूर्व डिप्टी सीएम से बयान के लिए माफी मांगने की भी मांग की है।

Tejashwi Yadav

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Tejashwi Yadav ने मीडिया पर फिर उतारा गुस्सा

दरअसल तेजस्वी यादव एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे और इसी दौरान मीडिया ने उनसे कुछ सवाल पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि यह जानकारी आपको कहां से मिली है? सूत्र से मिली है, ऐसे सूत्रों को मैं मूत्र समझता हूं। ऐसा पहली बार नहीं है जब उन्होंने मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। इससे पहले भी वह कुछ दिन पहले मीडिया पर भड़क चुके हैं।

तेजस्वी ने कुछ दिन पहले भी अखबारों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि लालू जी के राज में छोटी से छोटी अपराध की घटना फ्रंट पेज पर छपती थी। आज विपक्ष को कवरेज नहीं मिल रही है। गोदी मीडिया को यही कहना चाहता हूं कि सुधर जाओ, अभी भी टाइम है।

बीजेपी ने याद दिलाई आपातकाल की

तेजस्वी के बयान पर बीजेपी ने करारा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि तेजस्वी यादव पत्रकारों को खुली चेतावनी और धमकी दे रहे हैं। उन्हें बताना चाहिए कि किसे डराना चाहते हैं? यह बयान प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। पासवान ने कहा, ' लालू राज में पत्रकारों पर हुए हमलों का इतिहास रहा है। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भी प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश की गई थी, और आज राजद का रवैया उसी मानसिकता की याद दिलाता है।'

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लालू यादव के शासनकाल में पत्रकारों की हत्या की घटनाएं

1991 में गया में अशोक प्रसाद की हत्या

1994 में सीतामढ़ी में दिनेश दिनकर की हत्या

1997 में गोपालगंज में हिंदुस्तान अखबार कार्यालय पर बम हमला

1999 में सिवान में दूरदर्शन ऑफिस पर हमला

मधुबनी में वरिष्ठ पत्रकार चंद्रिका राय पर जानलेवा हमला हुआ था।

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