Tej Pratap Controversy: ‘इश्क करना गुनाह है क्या’, तेज प्रताप यादव को किनारा करने की पहले से ही थी प्लानिंग?
Tej Pratap Controversy: बिहार की राजनीति का पर्याय बन चुके और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अहम सदस्य तेज प्रताप यादव न सिर्फ़ अपनी राजनीतिक गतिविधियों के लिए बल्कि अपनी निजी ज़िंदगी के लिए भी चर्चा में रहे हैं। अनुष्का यादव के साथ उनके रिश्ते ने काफ़ी दिलचस्पी और चर्चा को जन्म दिया है।
ऐश्वर्या राय के साथ उनके अशांत विवाह के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है, जिसने उनके सार्वजनिक और निजी जीवन को और भी जटिल बना दिया है। पूर्व मंत्री की बेटी ऐश्वर्या राय से यादव की शादी को खूब प्रचारित किया गया और ऐसा लगा कि बिहार में महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवारों का मिलन हो रहा है।

हालांकि, जल्द ही इस शादी में मतभेद पैदा हो गए, जिसके कारण लोगों में काफी अटकलें लगने लगीं और मीडिया में भी इस पर चर्चा होने लगी। लालू यादव और चंद्रिका राय के बीच के मुद्दे सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गए, जिससे भारत में निजी जीवन और राजनीतिक करियर के बीच के अंतर को उजागर किया गया।
इन व्यक्तिगत उथल-पुथल के बीच, अनुष्का यादव के साथ तेज प्रताप यादव की संलिप्तता सामने आई है, जो चल रही कहानी में एक और परत जोड़ती है। यह रिश्ता, हालांकि निजी प्रकृति का है, लेकिन तेज प्रताप यादव की हाई-प्रोफाइल स्थिति को देखते हुए सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
अनुष्का यादव के साथ रिश्ता और ऐश्वर्या राय के साथ तनावपूर्ण विवाह ने अब तेज प्रताप यादव के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि तेज प्रताप यादव को अपने स्वार्थ के लिए लालू यादव ने जबरदस्ती चंद्रिका राय की बेटी से शादी करवा दी थी। तेज प्रताप इससे खुश नहीं थे।
वोट बैंक की सियासत के लिए तेज प्रताप की शादी करवाई गई, जो कि उसे नापसंद थी। नतीजा यह हुआ कि ऐश्वर्या से उसके रिश्ते बिगड़ गए। इससे राजद की सियासी छवि ख़राब हुई, जिस मकसद के लिए लालू और चंद्रिका एक हुए वह नहीं हो पाया। इसके बाद से ही लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव से नाराज चल रहे थे।
तेजस्वी यादव भी तेज प्रताप को पार्टी से किनारा ही रखना चाह रहे थे। कई बार ऐसे मामले हुए जब तेजस्वी की मर्जी के बिना ही तेज प्रताप ने फ़ैसले लिए। इसमे एक उदाहरण ये भी है, जब तेज प्रताप ने पार्टी के कायदे कानून से अलग आकाश यादव को राजद से जोड़ा और अहम ज़िम्मेदारी दी। जगदानंद सिंह और तेजस्वी इसके खिलाफ थे, कुछ दिन बाद ही आकाश को पार्टी से ही हटा दिया गया था।
कथित तौर पर यह आकाश यादव कोई और नहीं अनुष्का यादव के भाई हैं। इन्हीं की वजह से तेज प्रताप और अनुष्का की नज़दीकियां बढ़ीं, जो कि लालू-तेजस्वी को नागवार गुज़र रही थी। अंदर-अंदर तेज प्रताप को पार्टी के एक्टिव रोल से साइड करने की प्लानिंग चल रही थी, लेकिन यह सियासत है बिना वजह बड़े बेटे को साइड करने पर कइ सवाल खड़े होते।
तेजस्वी और लालू प्रसाद यादव मौक़े की तलाश में थे ही, और वह तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर इज़हार ऐ इश्क कर के दे दिया। भले ही अकाउंट हैक होने का हवाला देते हुए प्रेम प्रसंग से पल्ला झाड़ लिया। विवाद बढ़ने पर तेजू भैया से परिवार ने भी किनारा कर लिया और पार्टी से निकाल दिया।
अब सवाल उठ रहे हैं कि इश्क करना गुनाह है क्या, जब तेज प्रताप यादव को शुरू से ही ऐश्वर्या पसंद नहीं थी तो जबरदस्ती शादी क्यों करवाई। लालू-तेजस्वी को अनुष्का के साथ प्रेम प्रसंग की जानकारी थी, इसके बाद भी ऐश्वर्या को क्यों अपने वोट बैंक के लिए तेज प्रताप के गले बांधा। अब सियासी तलवार चलाते हुए लालू ने छवि बचाने के लिए अपने बेटे को ही हलाल कर दिया।












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