'फोर्स भेजकर खाली करा ले सरकार', खत्म हुई राबड़ी देवी के बंगले की डेडलाइन, अब क्या करने वाला है लालू परिवार?
Rabri Devi Bungalow Dispute: बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को यह बंगला खाली करने के लिए सरकार की ओर से जो समय दिया गया था, वह आज समाप्त हो रहा है।
ऐसे में पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि लालू-राबड़ी परिवार तय समय के भीतर आवास खाली करता है या फिर मामला नए राजनीतिक टकराव की ओर बढ़ता है। पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी, प्रशासनिक गतिविधियां और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं। इसी वजह से आज का दिन इस पूरे विवाद में काफी अहम माना जा रहा है।

15 दिन पहले भेजा गया था नोटिस
भवन निर्माण विभाग ने 30 मई को राबड़ी देवी को आधिकारिक नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि उन्हें 15 दिनों के अंदर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करना होगा। विभाग का तर्क है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राबड़ी देवी को पहले ही दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। इसलिए अब उन्हें नए आवास में शिफ्ट होना चाहिए।
ये भी पढ़ें: 'फैजल खान ने मेरे भाई को मरवाया', जेल से निकलते ही रौशन आनंद ने खान सर पर लगाए संगीन आरोप, कर दी बड़ी मांग
हार्डिंग रोड पर मिला नया बंगला
राज्य सरकार ने राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी बंगला तय किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह आवंटन काफी समय पहले किया जा चुका था। इसके बावजूद परिवार अब तक पुराने आवास में ही रह रहा था। इसी वजह से विभाग ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए बंगला खाली करने का निर्देश जारी किया था।
10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं माना जाता। यह कई वर्षों से बिहार की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का परिवार दो दशक से भी ज्यादा समय तक इसी परिसर में रहा है। राज्य की राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले और बैठकों की गवाह रही यह जगह राजद समर्थकों के लिए भी खास महत्व रखती है।
नए आवंटन के बाद बढ़ा विवाद
हाल के दिनों में बिहार सरकार ने इस बंगले का आवंटन पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम के नाम कर दिया। इसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया। विपक्ष ने इसे केवल आवास का मामला नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया। वहीं सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
राबड़ी देवी ने दिया था खुला जवाब
10 सर्कुलर रोड आवास विवाद के दौरान जब राबड़ी देवी से सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस को लेकर सवाल पूछा गया था, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर सरकार को बंगला खाली कराना है तो वह फोर्स (पुलिस बल) भेजकर खाली करा सकती है। उनके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया था। कुछ दिनों तक आवास के बाहर पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस बीच राजद नेताओं ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया और कानूनी विकल्पों की बात कही।
सुरक्षा को लेकर भी हुआ विवाद
आवास विवाद के बीच राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती का मुद्दा भी सामने आया। इसके बाद लालू परिवार ने अपनी सुरक्षा वापस कर दी थी। उधर, 10 सर्कुलर रोड के बाहर पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता जुटते रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि राबड़ी देवी जहां भी रहेंगी, पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
सामान शिफ्ट होने की चर्चा तेज
राजद से जुड़े सूत्रों और परिवार के करीबी लोगों की ओर से संकेत मिले हैं कि आवास खाली करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि घर का सामान दूसरे स्थानों पर भेजा जा रहा है। हालांकि रविवार तक भी आवास परिसर में राजनीतिक गतिविधियां जारी रहीं और कार्यकर्ताओं का आना-जाना लगा रहा। इसी वजह से अंतिम स्थिति को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
क्या होगा अगला कदम?
सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा समाप्त होने के साथ अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यह भी देखा जाएगा कि क्या लालू-राबड़ी परिवार आज औपचारिक रूप से 10 सर्कुलर रोड का आवास छोड़ देता है या फिर इस पूरे मामले में कोई नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है।
ये भी पढ़ें: कौन थे एयर फोर्स प्लेन हादसे में शहीद हुए बिहार के 2 लाल? जोरहाट से तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचे दोनों जांबाज












Click it and Unblock the Notifications