Bihar Toll Tax: सभी गाड़ियों को नहीं, केवल कुछ गाड़ियों को देना होगा टोल टैक्स, हंगामे के बाद झुकी बिहार सरकार
Bihar State Highway Toll Tax: बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर पिछले कुछ दिनों से लोगों के बीच काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि अब निजी कारों से भी नेशनल हाईवे की तरह टोल वसूला जाएगा। इस फैसले का विपक्ष ने भी विरोध किया था।
अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद सामने आकर तस्वीर साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य की निजी चार पहिया गाड़ियों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। केवल कमर्शियल यानी कारोबार या व्यावसायिक काम में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को ही स्टेट हाईवे पर टोल देना होगा।

Samrat Choudhary toll tax news: मुख्यमंत्री ने खत्म किया टोल टैक्स का कन्फ्यूजन
मंगलवार को अररिया के फारबिसगंज में आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि टोल टैक्स को लेकर लोगों के बीच जो भ्रम फैल गया है, उसे दूर करने की जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि निजी गाड़ियों पर कोई नया टोल टैक्स नहीं लगाया जा रहा है। सरकार का मकसद आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालना नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ घूमने या निजी इस्तेमाल के लिए चलने वाली गाड़ियों को पूरी राहत मिलेगी।
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सिर्फ कमर्शियल वाहनों से लिया जाएगा टोल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो वाहन कारोबार, माल ढुलाई, यात्री सेवा या दूसरे व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल होते हैं, उनसे टोल टैक्स लिया जाएगा। उनका कहना था कि सड़कों के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं के लिए कमर्शियल वाहनों से शुल्क लेना सही है। वहीं, आम लोगों की निजी कारों को इससे बाहर रखा गया है। यानी अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी कार से सफर करता है तो उसे स्टेट हाईवे पर टोल नहीं देना होगा।
पहले क्या फैसला हुआ था और विवाद क्यों बढ़ा?
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर भी नेशनल हाईवे की तरह टोल वसूली का फैसला लिया था। उस समय दोपहिया, तिपहिया, कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले और गैर-यांत्रिक वाहनों को पहले ही छूट दी गई थी। लेकिन यह साफ नहीं था कि निजी चार पहिया वाहन भी टोल के दायरे में आएंगे या नहीं। इसी वजह से लोगों में भ्रम फैला और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई।
विपक्ष के विरोध के बाद बदला सरकार का रुख
स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों से टोल लेने की संभावना सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। जनसुराज समेत कई विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध किया और कहा कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। लगातार उठ रहे सवालों और विरोध के बीच सरकार ने अपना रुख साफ किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि निजी चार पहिया वाहन इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे और केवल कमर्शियल वाहनों पर ही टोल लागू होगा।
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आम लोगों के लिए क्या है सबसे बड़ी बात?
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब सबसे बड़ी राहत निजी वाहन मालिकों को मिली है। अगर आपके पास निजी कार है और आप परिवार के साथ यात्रा करते हैं, तो फिलहाल स्टेट हाईवे पर किसी नए टोल टैक्स की चिंता करने की जरूरत नहीं है। वहीं, ट्रक, बस, टैक्सी और दूसरे कमर्शियल वाहनों को तय नियमों के अनुसार टोल देना होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों की बेहतर देखभाल करना है, जबकि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना है।












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