मंत्री अशोक चौधरी के करोड़ो रुपए जलाने वाला इंजीनियर कौन? Prashant Kishore के खुलासे से भूचाल
Prashant Kishore On Ashok Choudhary: बिहार की राजनीति में इस समय भूचाल मचा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले प्रशांत किशोर (PK) ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीके ने मंत्री अशोक चौधरी, सम्राट चौधरी और कुणाल किशोर फैमिली पर गंभीर आरोप लगाए।
सबसे बड़ा खुलासा उन्होंने उस इंजीनियर को लेकर किया, जिसने हाल ही में अपने घर में नोट जलाए थे। पीके का दावा है कि ये नोट मंत्री अशोक चौधरी के कमीशन से जुड़े थे। अब पीके ने पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफा नहीं देने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।

अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में 20 हज़ार करोड़ रुपए का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट में हर भुगतान पर 5 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। पीके ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले नोट जलाने की घटना में जो पैसे जलाए गए थे, वे दरअसल अशोक चौधरी के लिए ही लाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री ने पांच दिन में इस्तीफा नहीं दिया तो वे राज्यपाल से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
क्या है नोट जलाने वाला मामला?
बिहार की राजनीति में जिस "नोट जलाने कांड" ने भूचाल मचा दिया है, वह अगस्त 2025 में सामने आया। पटना में EOU (आर्थिक अपराध इकाई) ने ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विनोद कुमार राय के आवास पर बड़ी कार्रवाई की। यह छापा पटना के भूतनाथ रोड स्थित उनके आलीशान घर पर पड़ा।
जांच टीम को यहां से 35 लाख रुपये नकद, लगभग 20 लाख रुपये के अधजले नोट, करोड़ों की कीमत के जमीन-जायदाद के कागजात, कई बैंक डिपॉजिट और लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने बरामद हुए। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इंजीनियर के घर के नाले और पाइपलाइन तक जले हुए नोटों से जाम हो गए थे। नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाना पड़ा और सफाई कर नालों से नोट निकालने पड़े।
रातभर जलाए गए करोड़ों रुपये
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी से पहले की रात घर में करोड़ों रुपये जलाए गए। नाले और पानी की टंकी से जो नोट निकले, वे इस बात की गवाही दे रहे थे कि हड़बड़ी में कैश को नष्ट किया गया। करीब 40 लाख रुपये पानी की टंकी में फेंके गए, जबकि बाथरूम की पाइपलाइन से 20 लाख रुपये तक के अधजले नोट मिले।
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परिवार का प्रतिरोध और EOU की कार्रवाई
जब EOU की टीम घर पर पहुंची तो इंजीनियर की पत्नी ने छापेमारी का घंटों तक विरोध किया और टीम को घर में दाखिल होने से रोकती रही। लेकिन अंततः कार्रवाई पूरी हुई और भारी मात्रा में संपत्ति और कैश का खुलासा हुआ।
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का आकलन है कि विनोद कुमार राय की चल-अचल संपत्ति लगभग 100 करोड़ रुपये तक हो सकती है। यही कारण है कि इस मामले को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है।
कौन हैं इंजीनियर विनोद कुमार राय?
विनोद कुमार राय ग्रामीण कार्य विभाग में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उन पर लंबे समय से भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन अगस्त की कार्रवाई ने उनके खिलाफ मौजूद संदेहों को पुख्ता कर दिया। यह मामला अब सिर्फ एक इंजीनियर की बेइंतहा संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े नेताओं और मंत्रालयों से उनके कनेक्शन को भी उजागर कर रहा है। यही वजह है कि प्रशांत किशोर ने इस केस को मंत्री अशोक चौधरी के कमीशन से जोड़ते हुए सीधे सियासी हमला बोला है।
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