'सम्राट चौधरी 6 हत्या के आरोपी, शिल्पी-गौतम केस में भी नाम', प्रशांत किशोर का विस्फोटक खुलासा, हो गिरफ्तारी!
Prashant kishor On Samrat Choudhary: बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार (29 सितंबर) को जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। पीके ने कहा कि सम्राट चौधरी सिर्फ राजनीतिक शख्सियत नहीं बल्कि हत्या और शिल्पी-गौतम जैसे सनसनीखेज मामले से भी जुड़े रहे हैं।
🔴 PK बोले- 6 लोगों की हत्या के अभियुक्त हैं सम्राट चौधरी
प्रशांत किशोर ने कहा, "सम्राट चौधरी 6 लोगों की हत्या के आरोपी हैं। इनके खिलाफ तारापुर केस नंबर 44/1995 दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट के डॉक्यूमेंट्स मौजूद हैं। नाबालिग होने का हवाला देकर इन्होंने जेल से राहत पाई थी। लेकिन 2020 में दाखिल चुनावी हलफनामे के मुताबिक उस समय इनकी उम्र 26 साल होनी चाहिए थी। यानी पूरी कहानी ही संदिग्ध है।"

🔴 पीके बोले- सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी होनी चाहिए
पीके ने आगे कहा कि, "अगर सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो बिहार में जितने भी हत्या के आरोपी हैं, उन सबको भी जेल से बाहर निकाल देना चाहिए। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो हम कोर्ट जाएंगे।"
🔴 शिल्पी-गौतम केस: बिहार का सबसे सनसनीखेज मामला
पीके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1999 के चर्चित शिल्पी-गौतम रेप और मर्डर केस का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि शिल्पी-गौतम केस में भी
सम्राट चौधरी का नाम था।
3 जुलाई 1999 को पटना के एक गैराज में सफेद मारुति कार से शिल्पी जैन और गौतम सिंह की अर्धनग्न लाशें मिली थीं। शिल्पी पटना वीमेंस कॉलेज की छात्रा और मिस पटना रह चुकी थीं, वहीं गौतम एक एनआरआई परिवार से थे और राजनीति से जुड़े थे।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में शिल्पी के साथ गैंगरेप और गौतम की हत्या की पुष्टि हुई थी। केस में तत्कालीन बाहुबली नेता साधु यादव का नाम सामने आया, लेकिन बाद में सीबीआई ने इसे आत्महत्या बता कर बंद कर दिया। हालांकि, तब से यह केस आज भी रहस्यों और विवादों से घिरा है।
🔴 ''क्या शिल्पी-गौतम केस केस में भी आरोपी थे सम्राट चौधरी'' -PK का सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा,"शिल्पी-गौतम मामले में क्या सम्राट चौधरी संदिग्ध आरोपी थे? क्या सीबीआई ने उनकी जांच की? क्या उनके सैंपल लिए गए? उस दौर में भाजपा नेता सुशील मोदी ने भी यह सवाल उठाया था जब सम्राट चौधरी आरजेडी में थे। आज वही सम्राट भाजपा में डिप्टी सीएम हैं। यह भाजपा का चाल और चरित्र दिखाता है।"
🔴 सम्राट चौधरी का पलटवार
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, "1997-98 में ही मुझे कोर्ट ने बरी कर दिया था। प्रशांत किशोर के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे परसेप्शन की राजनीति कर रहे हैं। मैं सबूतों के साथ निर्दोष साबित हो चुका हूं।"
🔴 'नाम बदलने और फर्जी सर्टिफिकेट का खेल' - PK
पीके ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी का असली नाम राकेश कुमार था। उन्होंने आरोप लगाया, "ये नाम बदलने के मास्टर हैं। कांग्रेस नेता सदानंद सिंह की हत्या केस में भी आरोपी थे। नकली आयु प्रमाण पत्र बनाकर खुद को नाबालिग घोषित किया और जेल से छूट गए। 2010 में खुद को सातवीं पास बताया और अब कहते हैं कि मैट्रिक पास हैं। ये बताएं कि कब मैट्रिक किया?"
🔴 बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
प्रशांत किशोर के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिहार की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। जहां सम्राट चौधरी आरोपों को खारिज कर रहे हैं, वहीं पीके लगातार दस्तावेज और पुराने केसों का हवाला देकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। शिल्पी-गौतम केस का नाम फिर से चर्चा में आने से जनता के बीच भी यह सवाल गूंजने लगा है कि क्या सत्ता में बैठे नेताओं के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी या मामला फिर दबा दिया जाएगा।
प्रशांत किशोर के आरोपों ने बिहार की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का अतीत एक बार फिर सुर्खियों में है। अब देखना होगा कि क्या यह विवाद सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा या फिर सचमुच सम्राट चौधरी को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।












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