Rugby Tea Stall: बिहार में Graduate Chaiwali के बाद अब रग्बी खिलाड़ी बेच रहे हैं चाय, जानिए क्यों ?
राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार रग्बी खेल चुके सौरभ चाय बेचने पर मजबूर हैं, उन्होंने बताया कि वह खुद का खर्च मेंटेन करने और युवाओं के लिए कुछ बेहतर करने के लिए यह क़दम उठाया है।

Rugby Tea Stall: बिहार की राजधानी पटना में युवाओं को चाय का कारोबार खूब पसंद आ रहा है। IITian चाय वाले, ग्रैजुएट चाय वाली, बवेफा चाय वाला जैसे कई चाय बेचने वालों ने सुर्खियां बटोरी हैं। वहीं अब बिहार की राजधानी पटना में प्रदेश के रग्बी खिलाड़ी चाय बेच रहे हैं। किसी ने शौक से चाय बेचना शुरू किया तो किसी ने मजबूरी में, पटना ज़िले के बाढ़ अनुमंडल थाना क्षेत्र के निवासी सौरभ की कहानी भी कुछ ऐसी है। बाढ़ में सवेरा सिनेमा हॉल स्थित 10 नंबर वार्ड में के रहने वाले सीताराम सिंह बीएसएफ जवान हैं, उनकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में है। उनके परिवार में दो बेटे एक बेटी और पत्नी हैं।
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टी स्टॉल के सहारे भविष्य संवारने की कोशिश
सौरभ बीएसएफ जवान सीताराम सिंह के सबसे छोटे बेटे हैं, वह अपने भविष्य को संवारने के लिए पार्ट टाइम भी करता है। आर्ट्स से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे छात्र सौरभ ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार रग्बी खेल चुका है, लेकिन उम्र बीतता गया औऱ काम नहीं मिला, इसलिए उसने अपने खर्च को मेंटेन करने के लिए चाय का स्टॉल लगाने का फैसला लिया। अब वह चाय स्टॉल के सहारे अपने भविष्य तो संवारने में जुटे हुए हैं।

चाय दुकान का रखा ‘रग्बी टी स्टॉल नाम’
सौरभ ने बताया कि वह अपने खर्च को मेंटेन करने के साथ ही युवाओं के लिए भी कुछ करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने चाय की दुकान खोली है। सौरभ ने 7 दिसंबर से टी स्टॉल की शुरुआत की, वह रोज़ाना करीब 250 कप चाय बेच लेते हैं। सौरभ ने कहा की चूंकी वह रग्बी खिलाड़ी हैं, और अपने खेल को भी बढ़ावा देना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने अपने चाय दुकान का नाम रग्बी टी स्टॉल रखा है। टी स्टॉल पर फिलहाल कुल्हड़ वाली नॉर्मल चाय मिलती है। सौरभ ने बताया कि नए साल से वह अपने टी स्टॉल को औऱ बढ़ाएंगे, इसके साथ ही चाय के कई फ्लेवर भी मिलेंगे।

तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर रग्बी खेल चुके हैं सौरभ
सौरभ ने अपने खेल की जानकारी देते हुए बताया कि साल 2018 में उन्होंने अंडर 14 हैदराबाद में खेला था। इसके बाद ओडिसा में अंडर 17 खेला और मार्च 2022 में ऑल इंडिया रग्बी मुंबई में यूनिवर्सिटी की तरफ से खेला है। मौजूदा वक्त में वह रग्बी के रेफ्री का कोर्स कर रहे हैं। उन्होंने खुद के लिए बिहार रग्बी खेल में रेफ्री कोच का लक्ष्य तैयार किया है। रग्बी एक प्राइवेट खेल है, इसमे भी युवक काफी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

युवाओं को निखारने की ज़रूरत है- सौरभ
सौरभ ने कहा कि सरकार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को सम्मानित करती है। अच्छा प्रदर्शन कर मेडल जीतने वाले को सरकार प्रोत्साहित करती है। सकार अगर रग्बी खेल पर ध्यान दे तो, इस खेल में भी प्रदेश के युवा परचम लहराएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उसे निखारने वाले बहुत कम हैं। युवाओं को उनकी रुचि के हिसाब से निखारने के लिए सरकारी सहायता की जरूरत है। युवाओं को अगर सही मार्ग दर्शन मिलेगा तो वह इस खेल में प्रदेश का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकता है।
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