Bihar News: ज़हरीली शराब पीने से मौत पर मिलेगा 4 लाख रुपये मुआवज़ा, शुरू हुई चर्चा सही या गलत?
Bihar News: बिहार में जहरीली शराब पीने से हुई मौत मामले में मुआवज़े पर सियासी बयानबाज़ी शरू हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने मुआवज़े की घोषणा पर क्रेडिट लेना शुरू कर दिया है। वहीं आम लोगों ने मुआवज़े को गलत ठहराया है

Liquor Ban In Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज़हरीली शराब पीने से हुई मौत मामले में मुआवज़ा देने का ऐलान किया है। मुआवजे की ऐलान पर सियासी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। वहीं आम आदमी मुआवज़ा देने को ग़लत बता रहे हैं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा के दवाब में नीतीश सरकार ने मुआवज़े का ऐलान किया है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ज़हरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई।
पुलिस के डर से बिना पोस्टमार्टम शव को जला दिया गया। कई लोगों की मौत डायरिया और अज्ञात बीमारी बताई गई। उन पीड़ित परिवारों को मुआवजा कैसे मिलेगा? सीएम को इस मामले में भी साफ घोषणा करनी चाहिए।
नीतीश कुमार को 'जो पीएगा, वो मरेगा' वाले बयान पर माफी मांगनी चाहिए। जहरीली शराब पीने से मरने वालों के परिवारों के प्रति सीएम का सख्त रवैया रहा। इस वजह से सैकड़ों गरीब परिवार मुआवजा पाने से वंचित रहे।
सुशील मोदी ने कहा कि साल 2016 में पूरी तरह से शराबबंदी लागू होने के बाद, जहरीली शराब पीने से 300 से ज्यादा जानें गईं। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो में राज्य सरकार ने सिर्फ 23 मौत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों उसे आवेदन नहीं, शपथपत्र लेकर मुआवज़ा राशि दे।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि जहरीली शराब पीने से जिन लोगों की तबियत बिगड़ गई, आंखों की रोशनी चली, वैसे लोग जिनका इलाज जारी है, उन्हें भी सरकार की तरफ से मदद मिलनी चाहिए।
ज़हरीली शराब पीने से मौत पर मुआवज़ा मामले में आम आदमी का कहना है कि या तो सरकार शराबबंदी को ही ख़त्म कर दे, या फिर मुआवज़ा देकर जहरीली शराब पीने से मौत का बढ़ावा नहीं दे। प्रदेश सरकार ने शराबबंदी लागू की है, इस वजह से लोग ज़हरीली शराब पी रहे हैं।
राज्य सरकार शराबबंदी खत्म कर दे, जिसके बाद ना तो लोग जहरीली शराब नहीं पिएंगे ना ही शराब की तस्करी होगी। स्थिति सामान्य हो जाएगी। अब सरकार ने ज़हरीली शराब पीने से मौत पर मुआवज़े का ऐलान क्या है, जोकि जहरीली शराब के सेवन को बढ़ावा देगा।
शराब पीने के आदि शराब पीना छोड़ नहीं सकते, और अब तो मरने के बाद आश्रितों को पैसा भी मिलेगा। यह सोचकर और ज़्यादा शराब पीएंगे। वहीं अपराध भी बढ़ सकता है, कुछ जानबूझकर मुआवज़े की लालच में भी शराब पिला पिला कर मौत की वारदात को अंजाम दे सकते हैं। सरकार का यह फैसला गलत है।
ये भी पढ़ें: Neera Production: जीविका समूहों द्वारा नीरा उत्पादन को किया जा रहा प्रोत्साहित, जानिए नीरा पीने के फ़ायदे












Click it and Unblock the Notifications