KBC 14 में अब तक बिहार की इन बेटियों ने लहराया परचम, एक होंगी 21 नवंबर को बिग बी के सामने
KBC 14: कौन बनेगा करोड़पति की हॉटसीट पर पहुंचने के लिए रुचि 5 सालों से कोशिश कर रही थी। इस बार की कोशिश में वह कामयाब हो गईं। केबीसी की हॉटसीट पर पर पहुंचने के लिए रुचि ने 4.80 सेकंड में तीन सवालों के जवाब दिए।
KBC 14: देश भर में लोगों के पसंदीदा शो कौन बनेगा करोड़पति में बिहार की बेटियां प्रदेश का क्षंडा बुलंद कर रही हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको बिहार की उन बेटियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने केबीसी की हॉटसीट पर पहुंच कर प्रदेश को गौरवांवित किया है। भोजपुर ज़िले की दो बेटियों ने पर परचम लहराया था। रुचि ने 6.40 लाख रुपये जीते थे, वहीं रजनी मिश्रा ने 50 लाख रुपये जीते थे। आपको आगे बिहार की दूसरी बेटियों की भी कहानी से रूबरू करवाएंगे। इससे पहले आपको रुचि के बारे में बताने जा रहे हैं। रुचि बतौर मीडिया एनालिस्ट मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रही हैं।

4.80 सेकंड में दिए तीन सवालों के जवाब
कौन बनेगा करोड़पति की हॉटसीट पर पहुंचने के लिए रुचि 5 सालों से कोशिश कर रही थी। इस बार की कोशिश में वह कामयाब हो गईं। केबीसी की हॉटसीट पर पर पहुंचने के लिए रुचि ने 4.80 सेकंड में तीन सवालों के जवाब दिए। पहले सवाल का जवाब उन्होंने 1.95 सेकंड, दूसरे सवाल का जवाब 1.19 सेकंड और तीसरे सवाल का जवाब 1.66 सेकंड में दिया। तीनों सवालों का सही जवाब देकर वह हॉटसीट तक पहुंचने में कामयाब हुई। वही केबीसी में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात सवालों के सही जवाब देकर आगे बढ़ीं। वहीं आठवे सवाल पर पब्लिक पोल की मदद से आगे बढ़ी। 12.5 लाख के 12वें सवाल पर पहुंचने के बाद रुचि के खेल में ब्रेक लग गया और उन्होंने खेल छोड़ दिया।

रुचि ने इस सवाल पर किया गेम क्विट
1601 में सर जेम्सव लैकेस्टबर ने जावा द्धीप जाने वाले किस नए बने संगठन के प्रथम जहाजी बेड़े का नेतृत्व किया था? इसके ऑप्शन ए. ब्रिटिश संग्रहालय, बी. रॉयल ज्योग्राफिकल सोसायटी, सी. रॉयल मिंट और डी. ईस्ट इंडिया कंपनी थे। रुचि ने इस सवाल पर ही गेम क्विट कर दिया। इसका सही जवाब ईस्ट इंडिया कंपनी है। अब आपको रजनी मिश्रा के बारे में बताते हैं। केबीसी में रजनी मिश्रा ने सवालों का बेबाकी से जवाब देते हुए 50 लाख रुपये जीते लेकिन 75 लाख के सवाल पर उन्होंने गेम छोड़ दिया।

75 लाख के सवाल का जवाब नहीं दे पाई थी रजनी
रजनी मिश्रा 1 साल से केबीसी की तैयारी कर रही थी, पिछली बार ऑडिशन सही नहीं होने की वजह से वह हॉटसीट तक नहीं पहुंच पाई थीं। इस बार 50 लाख रुपये तक उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया लेकिन 75 लाख के सवाल पर अटक गईं और गेम क्विट कर दिया। 'मंकी पाक्स का पहला मामला किस शहर की लेबोरेटरी में सामने आया था'। इस सवाल के जवाब के लिए उन्होंने लाइफ लाइन का भी इस्तेमाल किया। लेकिन सही जवाब नहीं मिल सका। इसलिए रजनी ने 50 लाख रुपये लेकर गेम क्विट कर गईं। इस सवाल का जवाब 'कोपनहेगन' था।

पूर्णिया जिले की बेटी अंजलि ने जीते 50 लाख
बिहार के पूर्णिया जिले की बेटी अंजलि ने भी केबीसी में 50 लाख रुपए जीत कर प्रदेश को गौरवांवित किया है। अंजलि की शादी बिठैली गांव (बड़हरा थाना) में हुई है। वहीं मायका शिलानाथ रुपौली गांव (जानकीनगर) है। वह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग बैंगलोर में कार्यरत हैं। अंजलि बचपन से ही कौन बनेगा करोड़पति की हॉटसीट पर बैठना चाहती थीं। उनकी ज़िंदगी का एक यह भी सपना था कि वह हॉट सीट पर बैठकर अमिताभ बच्चन के सवालों को जवाब दें। अंजलि के पिता ने खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि बेटी ने सभी को गौरवांवित किया है। पहले ही प्रयास में केबीसी में चयनित होने से काफी खुशी महसूस हो रही है। अंजलि बचपन से ही होनहार छात्रों में शुमार की जाती थी।

दरभंगा जिले की बेटी ने भी लहराया परचम
दरभंगा के तारडीह प्रखंड की पोखर भिंडा पंचायत की निवासी सोनिया सिंह ने केबीसी में 3 लाख 20 हजार रुपये जीतने में कामयाबी हासिल की। अमिताभ बच्चन के सवालों को सोनिया ने काफी अच्छे से जवाब दिया लेकिन वह इसमें सोनिया ने अमिताभ बच्चन के प्रश्नों का जवाब पूरे आत्मविश्वास और बड़ी बेबाकी के साथ दिया। सोनिया के कौन बनेगा करोड़पति के हॉटसीट तक पहुंचने में मिली कामयाबी पर गांव वालों ने खुशी का इज़हार किया उन्होंने कहा कि सोनिया भविष्य में और ज्यादा नाम रोशन करेगी।

केबीसी के हॉटसीट पर बैठने का इंतज़ार
बिहार की बेटियों की कहानी से रूबरू करवाने के बाद अब आपको एक और बेटी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 21 और 22 नवंबर को बिग बी के सामने होंगी। मुंगेर ज़िले की खड़गपुर की रहने वाली शिल्प विजेता इन दिनों बिहार की सुर्खियों में छाई हुई हैं। पूरे जिले के लोग उनके केबीसी के हॉटसीट पर बैठने का इंतज़ार कर रहे हैं। उनका कहना है कि शो में शिल्प काफी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। शिल्प विजेता के पिता सच्चिदानंद प्रसाद हवेली खड़गपुर अनुमंडल कार्यालय में बतौर स्टेनो काम करते हैं।

हवेली खड़गपुर है शिल्प विजेता की कर्मभूमि
शिल्प विजेता की पैदाइश जमुई जिले के सुग्गी गांव में हुई थी, लेकिन उनकी कर्मभूमि हवेली खड़गपुर है। शिल्प विजेता की शुरुआती तालीम संत टेरेसा सेमिनरी से हुई थी। पंचकुमारी कन्या उच्च विद्यालय से उन्होंने कक्षा 6 से लकेर मैट्रिक तक की तालीम हासिल की। वहीं राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय से इंटर की तालीम हासिल की। हरि सिंह महाविद्यालय हवेली खड़गपुर से उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। आपको बता दें कि इग्नू से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने के बाद शिक्षिका के तौर पर सेवाएं भी दीं। मध्य विद्यालय रमनकबाद में उन्होंने 2013 से 2016 तक बतौर शिक्षिका सेवाएं दी।
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