जीतन सहनी हत्याकांड: मुख्यआरोपी काज़िम अंसारी की गिरफ्तारी पर उठने लगे सवाल, सूत्रों ने बताई चौंकाने वाली बात
Jitan Sahani Hatyakaand: VIP प्रमुख मुकेश सहनी के पिता की हत्या मामले की गुत्थी सुलझाने का पुलिस दावा कर रही है। जीतन सहनी के हत्या का मुख्यआरोपी काज़िम अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। बकौल पुलिस अधिकारी आरोपी ने अपने गुनाह भी कबूल कर लिये हैं।
बिहार पुलिस द्वारा जीतन सहनी हत्याकांड का इतनी जल्दी सफल उद्भेदन पर एक ओर जहां तारीफ़ हो रही है। वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, मुकेश सहनी भी यह बयान दे चुके हैं कि आनन फानन में किसी निर्दोष को सज़ा नहीं मिलनी चाहिए।

VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि इस मुश्किल वक्त में सभी लोग मेरे साथ क़दम से क़दम मिलाकर खड़े हैं। पुलिस भी एक्टिव मोड में काम कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि आनन फानन में निर्दोष फंस जाए। जो दोषी हैं, उसे सख्त से सख्त सज़ा दी जाए।
VIP सूत्रों की मानें तो पुलिस जिसे मुख्यआरोपी बता रही है, काज़िम अंसारी रोज़ाना करीब 4 से 5 घंटे तक उनके (जीतन सहनी) साथ वक्त बिताता था। उसका देर सवेर आना जाना लगा रहता था। पुलिस के मुताबिक काज़िम ने अपना जुर्म भी क़बूल कर लिया है।
अब यह बताइए कि पुलिस चाहे तो किसी को कस्टडी में लेकर उससे कोई सा जुर्म भी कबूल करवा सकती है। चूंकि सीसीटीवी में काजिम दिखा तो उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया। कमरे के अंदर किसने हत्या की, क्या इसका फूटेज है।
जीतन सहनी हत्याकांड बिहार का हाइप्रोफाइल केस हो गया है, इसलिए पुलिस पर दबाव था कि जल्द से जल्द मामले का सफल उद्भेदन करे। दबाव में आकर पुलिस ने आनन फानन में काजिम को बलि का बकरा बना दिया है। ब्याज वाली प्रति जो दिखाई जा रही है, उसमें लेने और देने वाले का हस्ताक्षर, या फिर अंगूठे का निशान कही है।
इस तरह से मनगढंत लोन वाली कॉपी हम लोग भी बनाकर दिखा सकते हैं। हमारे नेता (मुकेश सहनी) भी ब्याज पर पैसे देने की बात की जानकारी नहीं है। उन्होंने भी कहा है कि ज़रूरतमंद लोग उधार लेते थे और चुका भी देते थे। पुलिस को चाहिए कि इस मामले में फ्री एंड फेयर जांच करे, दबाव में आकर किसी को भी सूली पर नहीं चढ़ाए। हम लोगों का डेलीगेशन डीजीपी से मिलकर उनसे निष्पक्ष जांच की मांग की है।












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