पटना हादसा: मौत के आखिरी सफर का VIDEO देख सिहर जाएंगे आप!
नाव के डूबते ही गंगा में लोगों के सिर ही सिर दिखाई देने लगे। लोग जान बचाने के लिए छटपटाने लगे और देखते-देखते कई लोग मौत के मुंह में समा गए।
पटना। बिहार के पटना में एनआईटी घाट पर गंगा में नाव हादसे को लेकर एक दर्दनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग अपनी जान बचाने के लिए छटपटा रहे हैं। कोई उनकी जान बचाने के लिए नहीं आया। आई तो बस एनडीआरएफ की टीम लेकिन जान बचाने के लिए नहीं बल्कि शवों को निकालने के लिए। Read Also: पटना के घाट पर लाशें ही लाशें, काली शाम का दिल दहलानेवाला मंजर

अभी भी इस हादसे में डूबे हुए लोगों के परिजन यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनके परिवार का सदस्य शायद इस नदी से जिंदा निकल जाए। जैसे ही एनडीआरएफ की टीम नदी से कोई भी शव निकालती है, लोग दौड़ पड़ते हैं। पर उन्हें अब कौन समझाए कि इस हादसे के कई घंटे गुजरने के बाद भी शायद कोई चमत्कार ही नदी से किसी जिंदा शख्स को खोज निकाले।
आपको बताते चलें कि इस घटना में अब तक कुल 26 लोगों के शव को अब तक नदी से बाहर निकाला जा चुका है और अब तक कई लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस घटना को लेकर जो वीडियो क्लिप सामने आई है, वह वाकई इंसान को झकझोर कर रख देनेवाली है। इस वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह लोग मौत का आखरी सफर तय कर रहे हैं। खचाखच भरी हुई नाव से लोग नदी पार कर रहे थे और उनके परिजन दूसरे किनारे पर उनका इंतजार कर रहे थे। पर अपने परिजनों के पास पहुंचने से पहले ही नाव डूबने लगी और चीख-पुकार मच गई। लोग चिल्लाने लगे - आकर बचाओ, बचाओ, बचाओ, बचाओ, अरे नदी में कूदो, बच्चे भी हैं, उन्हें तो बचाओ.....। अचानक नाव पूरी तरह नदी में समा गई।
पलक झपकते ही नाव पूरी तरह डूब गई और नदी में लोगों के सिर ही सिर दिख रहे थे। हर कोई तैरने के लिए हाथ-पांव मार रहा था पर मौत को सामने देख हर किसी की सांसें फूल रही थी।
जेनरेटर का चैंबर फटने से डूबी नाव!
मकर संक्रांति की देर शाम पटना के एनआईटी घाट के पास दर्दनाक हादसे में यह बात सामने आ रही है कि जेनरेटर का चैंबर फटने से नाव डूब गई। आपको बताते चलें की मकर सक्रांति की शाम पतंग उत्सव में शामिल होने गए लोग जब लौट रहे थे तभी नाव जेनरेटर का चैंबर फटते ही तेज धमाका हुआ फिर अफरा-तफरी मच गई और डगमगाती हुई नाव गंगा की गोद में समा गई।
वायरल हुए वीडियो से जेनरेटर के चैंबर फटने का अनुमान लगाया गया है क्योंकि इसमें यह स्पष्ट दिख रहा है कि नाव डूबने से पहले काले धुएं का गुबार निकला।
वहीं इस हादसे के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिसके कारण जेनरेटर लोड नहीं उठा पाया। जिसे देखते हुए नाविक ने जेनरेटर की स्पीड बढ़ाया होगा जिससे चैंबर फट गया। वहीं कुछ नाविकों का कहना है कि नाव की क्षमता 20-25 लोगों को ले जाने की थी पर हादसे के दिन इस नाव में करीब 70 लोग सवार हो गए थे। Read Also: बिहार नाव हादसा: आंखों में आंसू और अपनों की तलाश में भटकते लोग












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