तेजस्वी ने लगवाए 'शाहबुद्दीन जिंदाबाद' के नारे, बिहार में सियासी बवाल BJP ने मुहर्रम हिंसा पर विपक्ष को घेरा
Tejashwi Yadav: बिहार इन दिनों कानून-व्यवस्था को लेकर फिर सुर्खियों में है। पहले राजधानी पटना में जाने-माने कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या ने सूबे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, और अब मुहर्रम के मौके पर भड़की हिंसा ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जुलूस के दौरान पत्थरबाजी, झड़प और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
खास बात ये है कि अब ये मामला सीधा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर मुड़ गया है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तेजस्वी पर जमकर हमला बोला है और मुहर्रम हिंसा के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है। तेजस्वी ने मंच से शाहबुद्दीन जिंदाबाद के नारे लगवाए थे, जिसके बाद मुहर्रम के दौरान हिंसा भड़क गई।

गोपाल खेमका हत्याकांड के बाद फिर गरमाई राजनीति
पहले पटना के पॉश इलाके में मशहूर कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया, अब मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुई हिंसा ने विपक्ष को एक और मौका दे दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां विपक्ष के निशाने पर हैं, वहीं सहयोगी दलों के नेता भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Bihar Politics: दलित-पिछड़ा वर्ग के साथ ASP का विस्तार,तेजस्वी-नीतीश को खुली चुनौती,इतनी सीटों पर तैयारी शुरू
चिराग और कुशवाहा ने उठाए सवाल
एलजेपी नेता चिराग पासवान और आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने हाल के घटनाक्रमों पर सरकार को घेरा है। दोनों नेताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार की नाकामी की ओर इशारा किया है। अब इस मुद्दे पर भाजपा ने भी तीखा हमला बोल दिया है।
तेजस्वी पर अमित मालवीय का सीधा वार
बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने मुहर्रम हिंसा को लेकर तेजस्वी यादव पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि तेजस्वी ने हाल ही में एक मंच से 'शाहबुद्दीन जिंदाबाद' के नारे लगवाए थे और उसके बाद ही बिहार में अराजक तत्वों ने मुहर्रम के जुलूस की आड़ में हिंसा शुरू कर दी।
बता दें, तेजस्वी यादव ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाहबुद्दीन जी अमर रहें के नारे लगाए थे। इसके बाद मुहर्रम के दौरान भड़की हिंसा को लेकर सत्ता पक्ष ने तेजस्वी को घेरा है जबकि तेजस्वी नीतीश सरकार पर हिंसा पर चुप्पी साधने का आरोप लगा रहे हैं।
मोतिहारी में युवक की हत्या, तेजस्वी की चुप्पी पर सवाल
मालवीय ने दावा किया कि मोतिहारी में मुहर्रम के दौरान अजय यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई, लेकिन तेजस्वी यादव ने अब तक इस पर कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आरजेडी की राजनीति में तुष्टीकरण इतना हावी हो चुका है कि अपने ही समाज के लोगों की जान की भी कोई कीमत नहीं रह गई?
कटिहार और गोपालगंज में हिंसा, पत्थरबाजी और तोड़फोड़
रविवार को गोपालगंज और कटिहार में मुहर्रम के जुलूस के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई। गोपालगंज के मांझा इलाके में दो अखाड़ों के बीच करतब दिखाने को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते बात हाथापाई और पत्थरबाजी तक पहुंच गई। इस हिंसा में एक व्यक्ति घायल हो गया और कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर है। प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर हालात पर काबू पा लिया है, हालांकि तनाव अब भी बना हुआ है।
हिंसा पर राजनीति और सियासत जारी
मुहर्रम के दौरान बिहार के अलग-अलग जिलों में भड़की हिंसा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा इसे शाहबुद्दीनवादी सोच का नतीजा बता रही है, जबकि आरजेडी अभी तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और गर्मी ला सकता है।
ये भी पढ़ें: Bihar Voter: '15-20% लोग वोटर लिस्ट से छूट सकते हैं', ओवैसी का दावा, तेजस्वी बोले- चुनाव आयोग ही कन्फ्यूज है












Click it and Unblock the Notifications