Bihar Today: बिहार में बढ़ी सियासी सरगर्मी, पीके का दिलीप जायसवाल पर आरोप, परिवारवाद पर फिर घिरे लालू यादव
Bihar Today: बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जन सुराज पार्टी संगठन मजबूत करने में जुटी है तो दूसरी ओर इसके प्रमुख प्रशांत किशोर राजनीतिक विरोधियों पर तीखे सवाल दाग रहे हैं। मधुबनी में जन सुराज पार्टी की चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय की गई। वहीं, पीके ने एक बार फिर बीजेपी और उसके नेताओं पर हमला बोला है।
इस बार उनका निशाना हैं बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल। उन्होंने आरोप लगाया कि जायसवाल एक समय कॉलेज में क्लर्क थे और आज मेडिकल कॉलेज के मालिक बन बैठे हैं। इसी बीच लालू परिवार पर भी परिवारवाद को लेकर पुराने आरोप फिर उठे हैं। साथ ही राज्य नागरिक परिषद के गठन को लेकर सरकार पर जनता सवाल उठा रही है। ऐसे में बिहार की राजनीति अब आम जनता की समस्याओं से हटकर व्यक्तिगत आरोपों और रणनीतिक बैठकों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है।

मधुबनी में जन सुराज पार्टी की बैठक
जन सुराज पार्टी की चुनाव समिति की एक अहम बैठक मधुबनी के जिला कार्यालय में आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय चुनाव समिति संयोजक बिल्टू सहनी ने की, जबकि प्रदेश चुनाव समिति अध्यक्ष किशोर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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बैठक में मिथिला प्रमंडल के सभी संयोजक, सह-संयोजक और समिति के सदस्य शामिल हुए। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की गई और संभावित उम्मीदवारों को क्षेत्रीय गतिविधियों की जिम्मेदारी देने पर विचार हुआ। किशोर कुमार ने कहा कि चुनावी तैयारी को मजबूत करने के लिए सभी स्तरों पर सक्रियता जरूरी है।
प्रशांत किशोर का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर भाजपा नेताओं पर हमला बोला है। इस बार उनका निशाना बने बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल। वैशाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पीके ने सवाल उठाया कि कैसे एक क्लर्क से दिलीप जायसवाल मेडिकल कॉलेज के मालिक बन गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस कॉलेज से कई बड़े नेताओं के बच्चों ने डिग्री हासिल की है। पीके ने कहा कि अगर जायसवाल जवाब नहीं देंगे, तो वे दस्तावेज़ों के साथ बड़ा खुलासा करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कॉलेज मूल रूप से अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों का था, और अब उस पर कब्जा कर लिया गया है।
राज्य नागरिक परिषद के गठन पर उठे सवाल
बिहार सरकार द्वारा राज्य नागरिक परिषद के गठन की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है। कई यूज़र्स ने इसे सिर्फ पैसे की बर्बादी बताया और कहा कि इससे सिर्फ सरकारी बोझ बढ़ेगा। साथ ही सवाल उठाए गए कि क्या यह परिषद वास्तव में जनता के मुद्दे सुलझा पाएगी या फिर केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
गिरिराज सिंह का दावा, फिर बनेगी NDA सरकार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि बिहार में अगली सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की ही बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब लालू यादव और उनके परिवार की राजनीति से ऊब चुकी है। गिरिराज ने तेजस्वी यादव को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
लालू परिवार पर फिर उठा परिवारवाद का मुद्दा
इस बीच, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। इसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में परिवारवाद पर बहस शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चाहे एनसीपी हो, डीएमके या समाजवादी पार्टी, सभी में परिवार का दबदबा दिखता है लेकिन अन्य लोग का भी पॉवर नजर आता है। लेकिन आरजेडी केवल लालू परिवार तक सीमित है। लालू यादव पर यह आरोप लंबे समय से लगता रहा है कि वे सत्ता और संगठन में अपने परिवार को ही तरजीह देते हैं।
बिहार में राजनीति का तापमान चढ़ा
चुनाव नजदीक हैं और बिहार की सियासत हर दिन नए मोड़ ले रही है। जहां एक तरफ जन सुराज अपनी पैठ बढ़ाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर पुराने खिलाड़ी अपने समीकरण जमाने में लगे हैं। आरोप-प्रत्यारोप और बैठकों के बीच साफ है कि बिहार में आने वाले दिन राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होने वाले हैं।
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