'9वीं फेल ना उठाए इंजीनियर मंत्री पर सवाल', निशांत कुमार के बचाव में आई BJP, तेजस्वी यादव को दिया मुहतोड़ जवाब
बिहार में नई एनडीए सरकार बनने के बाद अब सियासत का केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय बन गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे और नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (Nishant Kumar) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। रविवार को बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी (Sanjay Saraogi) ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पर जोरदार हमला बोला।
सरावगी ने कहा कि RJD को परिवारवाद पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि पार्टी खुद वर्षों तक परिवार आधारित राजनीति करती रही है। सरावगी ने तेजस्वी यादव के बयान को गैरजिम्मेदार बताया और कहा कि निशांत कुमार पढ़े-लिखे इंजीनियर हैं, जो अपनी मेहनत से राजनीति में आगे बढ़ रहे हैं। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर परिवारवाद, अनुभव और नई पीढ़ी की एंट्री को लेकर बहस तेज हो गई है।

तेजस्वी यादव पर BJP का पलटवार
संजय सरावगी (Sanjay Saraogi) ने एएनआई से बातचीत में कहा, "तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) बिना सोचे-समझे बोलते हैं। जब उनके पिता लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) जेल गए थे, तब राबड़ी देवी (Rabri Devi) को मुख्यमंत्री बनाया गया, जिन्हें अपना नाम तक लिखना नहीं आता था।"
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उन्होंने आगे आरोप लगाया, "सरकार उनके रिश्तेदार चलाते थे। जब उपमुख्यमंत्री बनाने की बारी आई तो तेजस्वी यादव को चुना गया, जो 9वीं फेल और असफल क्रिकेटर रहे हैं। बाद में तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया और मीसा भारती (Misa Bharti) को लोकसभा का टिकट दिया गया।"
संजय सरावगी (Sanjay Saraogi) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) बिना सोचे-समझे बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि जब लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) जेल गए थे, तब राबड़ी देवी (Rabri Devi) को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जबकि उन्हें प्रशासनिक अनुभव नहीं था। सरावगी ने आरोप लगाया कि उस दौर में सरकार परिवार के लोगों के इशारे पर चलती थी। उन्होंने कहा कि आरजेडी लगातार परिवार के लोगों को आगे बढ़ाती रही है और अब वही पार्टी दूसरों पर सवाल उठा रही है।
निशांत कुमार का बचाव
बीजेपी अध्यक्ष ने निशांत कुमार (Nishant Kumar) का बचाव करते हुए कहा कि वह एक शिक्षित इंजीनियर हैं और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी नेता के बेटे होने के कारण किसी की योग्यता पर सवाल उठाना सही नहीं है। सरावगी ने दावा किया कि निशांत कुमार प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संभालने की क्षमता रखते हैं।
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर सख्ती
पटना में स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालने के बाद निशांत कुमार (Nishant Kumar) ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही सबसे जरूरी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निशांत कुमार ने यह भी कहा कि बिहार में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने, इलाज की सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने उठाए थे सवाल
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि फैसले जेडीयू के केवल तीन-चार लोगों तक सीमित रहेंगे। उनके इस बयान के बाद एनडीए नेताओं ने आरजेडी पर हमला तेज कर दिया। बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने कहा कि आरजेडी शासन और परिवारवाद दोनों मामलों में जनता के सामने पहले ही बेनकाब हो चुकी है।
बिहार मंत्रिमंडल में बड़ा विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के बाद राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। पटना के Gandhi Maidan में आयोजित भव्य समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली। नई कैबिनेट में बीजेपी, जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेताओं को जगह मिली है। इसी विस्तार के दौरान निशांत कुमार (Nishant Kumar) को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, जिसके बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और परिवारवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई।
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