Bihar News: परिवार वालों ने किया शव का अंतिम संस्कार, 2 दिन बाद ज़िंदा लौटा शख्स, जानिए पूरा मामला
Patna News: बिहार की राजधानी पटना से मृत व्यक्ति के ज़िंदा होने का मामला सांमने आया है। परिजनों ने दो दिन पहले ही अंतिम संस्कार किया था।

Patna News: बिहार की राजधानी पटना से फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह क्राइम स्टोरी सामने आया है। 7 अप्रैल को एक शख्स लापता हुआ, 8 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज हुई। 9 अप्रैल को परिजनों ने लावारिस लाश का शिनाख्त करते हुए लापता व्यक्ति का बताया।
परिवार के लोगों ने 3 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज करवा दिया। वहीं पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार भी कर दिया। 9 तारीख को अंतिम संस्कार हुआ और 11 को शख्स अपने घर वापस लौट आया।
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दीघा थाना क्षेत्र में हुए इस मामले पर कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं, कि आखिर किसा अंतिम संस्कार हुआ? पुलिस से चूक कैसे हुई। मिली जानकारी के मुताबिक 7 अप्रैल से दीघा थाना क्षेत्र निवासी देवन राय लापता थे। पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवा दिया गया था।
गंगा किनारे गेट नंबर 88 के पास 9 अप्रैल की शाम में एक शव मिला। पुलिस ने लापता व्यक्ति के परीजनों को मामले की सूचना दी। वह मौके पर पहुंचे और देवन राय के रूप में शव की शिनाख्त की। वहीं गांव के पूर्व मुखिया नीलेश यादव समेत 3 लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दीघा थाने में FIR दर्ज कराई गई।
देवन राय के नाम पर शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया, मंगलवार को अचानक देवन राय वापस लौट आये। पुलिस को जब इस बात की जानकारी मिली तो उनके भी होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस पहुंची और देवन और उनकी पत्नी को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई।
देवन राय ने पुलिस को बताया कि अंजान आदमी उसे कानपुर ले गया। ट्रेन से खगौल स्टेशन ले गया और वहां छोड़कर फरार हो गया। खगौल में एक जान पहचान वाला ऑटो ड्राइवर मिला जो उसे वापस घर लेकर आया। देवन की पत्नी कहा कि उनका पति और बेटा 2018 में नीलेश यादव के पास काम करते थे।
देवन की पत्नी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि काम करने के बाद जब मज़दूरी मांगी तो 18 लाख रुपये बकाया दस्तावेज़ पर पिस्टल दिखाकर जबरदस्ती साइन करवा लिया। मामले में हंगामा होने के बाद पुलिस ने दो लाख रूपये लेकर लेकर सेटल कराया। करार के मुताबिक 2 लाख रुपये देने के बाद भी नीलेश और 6 लाख रुपये की मांग करने लगा।
नीलेश ने पैसा नहीं देने पर अंजाम भुगतने की भी धमकी दी। इसके बाद से ही देवन राय लापता हो गए थे। वहीं इस मामले में नीलेश यादव (पूर्व मुखिया) ने कहा कि उन्हें साज़िश के तहत फंसाया गया है। वह मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाएंगे।
इस पूरे मामले में अशोक कुमार (प्रभारी डीएसपी टाउन) ने कहा कि शव की शिनाख्त पीड़ित परिजनों ने की थी। परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला भी दर्ज किया गया था। मंगलवार को जानकारी मिली की वह व्यक्ति ज़िंदा है, जिसकी हत्या का मामला दर्ज हुआ है। जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार हुआ वह कौन था, नीलेश यादव के साथ पैसों के लेन-देन का क्या मामला है? पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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