Bihar Monsoon Session: 20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र, इन 6 मुद्दों पर मचेगा रार

Bihar Monsoon Session 2026: बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार के गठन के बाद यह पहला मानसून सत्र है और सरकार के करीब 100 दिन भी पूरे होने वाले हैं।

दूसरी ओर, विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कई बड़े मुद्दे तैयार कर रखे हैं। भरत तिवारी एनकाउंटर, कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। वहीं सरकार विकास कार्यों और अनुपूरक बजट के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है। आइए जानते हैं इस बार के मानसून सत्र के पांच बड़े मुद्दे और उनकी अहमियत।

Bihar Monsoon Session 2026

भरत तिवारी एनकाउंटर और कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा घमासान

इस बार के मानसून सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा भरत तिवारी एनकाउंटर और हाल के पुलिस एक्शन को लेकर होने की उम्मीद है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। आरजेडी, कांग्रेस और अन्य दल सरकार से जवाब मांगेंगे। प्रश्नकाल और शून्यकाल में यह मुद्दा सबसे अधिक गूंज सकता है। सरकार की ओर से पुलिस कार्रवाई और अपराध नियंत्रण के आंकड़ों के साथ जवाब देने की तैयारी की गई है।

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महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

विपक्ष महंगाई, युवाओं को रोजगार, सरकारी भर्तियों और कथित भ्रष्टाचार को भी बड़ा मुद्दा बनाएगा। टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। विपक्ष का कहना है कि जनता महंगाई और रोजगार की समस्या से परेशान है। ऐसे में सदन के भीतर इन मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। सरकार इन आरोपों का जवाब अपनी योजनाओं और रोजगार से जुड़े आंकड़ों के आधार पर देगी।

अनुपूरक बजट पर होगी अहम चर्चा

मानसून सत्र के दौरान वित्त मंत्री विजेंद्र यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। अनुपूरक बजट तब लाया जाता है, जब सरकार को पहले से स्वीकृत बजट से अधिक धन की आवश्यकता होती है। इस बजट में विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त राशि की मांग रखी जाएगी। विपक्ष खर्च की प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठा सकता है, जबकि सरकार इसे विकास कार्यों के लिए जरूरी कदम बताएगी।

विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी सरकार

सरकार इस सत्र में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन, कृषि और महिला सशक्तिकरण जैसी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा सदन में रखेगी। सत्ता पक्ष का प्रयास रहेगा कि विपक्ष के आरोपों का जवाब विकास के आंकड़ों से दिया जाए। सरकार यह भी बताएगी कि पिछले 100 दिनों में किन योजनाओं पर कितना काम हुआ और आगे की क्या तैयारी है। इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर सरकार जनता के बीच अपना संदेश देने की कोशिश करेगी।

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कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी रहेगी नजर

सरकार मानसून सत्र के दौरान कई नए विधेयक और वित्तीय प्रस्ताव भी पेश कर सकती है। पहले दिन अध्यादेश सदन के पटल पर रखे जाएंगे और शोक प्रस्ताव होगा। इसके बाद विधायी कार्य, प्रश्नकाल और बजट पर चर्चा होगी। सरकार चाहती है कि जरूरी विधेयकों को इसी सत्र में पारित कराया जाए। विपक्ष इन विधेयकों पर विस्तार से चर्चा और संशोधन की मांग कर सकता है, जिससे सदन में बहस और तेज होने की संभावना है।

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