Bihar Liquor Ban: शराबबंदी खत्म होगी या नहीं? चर्चा के बीच नीतीश कुमार के मंत्री ने क्या कहा
Bihar Liquor Ban Controversy: बिहार में शराबबंदी को लेकर सियासी घमासान तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद मंत्री अशोक चौधरी ने साफ कर दिया है कि सरकार फिलहाल इस कानून की समीक्षा के मूड में नहीं है। उन्होंने आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह की चुनौती पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों की जगह जेल है।
इलेक्टोरल बॉन्ड और किंग महेंद्र को लेकर भी उन्होंने विपक्षी आरोपों की हवा निकाल दी। अशोक चौधरी का यह बयान बताता है कि गठबंधन के अंदर उठने वाले सुरों के बावजूद नीतीश कुमार अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

Bihar Liquor Ban: समीक्षा पर दो टूक, नहीं बदलेगा फैसला
अशोक चौधरी ने मीडिया से साफ शब्दों में कहा कि भले ही गठबंधन के कुछ साथी या विपक्ष समीक्षा की मांग करें, लेकिन सरकार के एजेंडे में फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया का कोई ऐसा कानून नहीं है जिसे लोग तोड़ते न हों। दहेज प्रथा और आर्म्स एक्ट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि चोरी-छिपे शराब बेचने वाले चंद लोग पूरे कानून को गलत साबित नहीं कर सकते। सरकार की प्राथमिकता शराबबंदी को सख्ती से लागू रखने की है।
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Bihar News Hindi: सुनील सिंह को खुली चुनौती
आरजेडी नेता सुनील सिंह के विधानसभा में शराब डिलीवरी वाले दावे पर मंत्री जी ने जमकर चुटकी ली। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि "अगर आप डिलीवरी करा सकते हैं तो कराइए, फिर जेल जाने के लिए भी तैयार रहिए।" चौधरी ने इसे सिर्फ बयानबाजी करार देते हुए कहा कि कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क होता है। उन्होंने साफ किया कि जो लोग रातों-रात अमीर बनने के चक्कर में अवैध काम कर रहे हैं, पुलिस उन्हें चुन-चुनकर पकड़ेगी।
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किंग महेंद्र और चंदे पर पलटवार
इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर लग रहे आरोपों पर अशोक चौधरी ने जेडीयू का बचाव किया। उन्होंने कहा कि किंग महेंद्र एक बड़े उद्योगपति थे, शराब माफिया नहीं। अगर किसी उद्योगपति ने अपनी पार्टी को चंदा दिया है, तो इसमें कुछ भी गलत या गैरकानूनी नहीं है। उन्होंने पलटवार करते हुए आरजेडी पर आरोप लगाया कि उनके संबंध तो सीधे उन लोगों से हैं जो शराब के कारोबार में लिप्त हैं। पार्टी को मिलने वाले फंड को उन्होंने पूरी तरह पारदर्शी बताया।
नकली शराब और भ्रष्टाचार का खेल
शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से होने वाली मौतों और तस्करी पर चौधरी ने माना कि कुछ लोग सिस्टम को चकमा देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि 100 में से 5 लोग ऐसे होते हैं जो लालच में कानून तोड़ते हैं, लेकिन सरकार उन्हें छोड़ती नहीं है। जेडीयू मंत्री ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी से समाज के गरीब तबके को बहुत फायदा हुआ है, इसलिए कुछ छोटी घटनाओं की वजह से इतने बड़े सामाजिक सुधार को खत्म नहीं किया जा सकता।












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