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Bihar News: अचानक बिहार के इस पूरे गांव को कर दिया गया ब्लैकआउट, चुन-चुन कर क्यों काटी गई बिजली?

Bihar Nawada Power Cut 2026: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए सरकार की नीतियां 'राहत और आफत' दोनों लेकर आई हैं। एक ओर जहां 125 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा है, वहीं नवादा के कौआकोल में विभाग की कड़ाई ने पूरे गांव को अंधेरे में धकेल दिया है। 12 लाख रुपये के बकाया बिल के चलते गुरुवार (26 फरवरी, 2026) की रात गुआघोघरा गांव की बिजली काट दी गई।

सामूहिक रूप से बिजली कटने से लगभग 200 घरों में अंधेरा छा गया है, जिससे मोबाइल चार्जिंग से लेकर पानी तक का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों की नाराजगी और विभाग की सख्ती के बीच अब बिजली बहाली पर सस्पेंस बना हुआ है।

Bihar Nawada Power Cut 2026

नवादा में बिजली विभाग का 'हंटर': पूरा गांव अंधेरे में

नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड स्थित गुआघोघरा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विभाग ने ट्रांसफार्मर से ही बिजली की सप्लाई बंद कर दी। विभाग का कहना है कि गांव के करीब 200 उपभोक्ताओं पर पिछले कई वर्षों से 12 लाख रुपये से अधिक का बिल बकाया है। रात के अंधेरे में मोबाइल की रोशनी जलाकर ग्रामीणों ने अपना विरोध दर्ज कराया। लोगों का कहना है कि बिजली कटने से दैनिक जीवन पूरी तरह ठप हो गया है और विभाग ने बिना किसी ठोस विकल्प के यह सख्त कदम उठाया है।

Bihar Electricity Bill Issues: नोटिस को अनदेखा करना पड़ा भारी: विभाग की सफाई

बिजली विभाग के पर्यवेक्षक संजीव कुमार के अनुसार, ग्रामीणों को भुगतान के लिए बार-बार नोटिस दिए गए और मोहलत भी दी गई। अधिकारियों ने खुद गांव जाकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला, तो मुख्यालय के निर्देश पर सामूहिक कटौती की कार्रवाई की गई। विभाग का तर्क है कि बिना राजस्व वसूली के बिजली आपूर्ति जारी रखना मुश्किल है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने उनकी आर्थिक स्थिति और किश्तों में भुगतान की मांग पर ध्यान नहीं दिया।

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Bihar News Hindi: लो-वोल्टेज और भारी बिल: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि गांव में बिजली वैसे भी कम रहती है और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। बार-बार ट्रिपिंग के बावजूद महीने का बिल बहुत ज्यादा आता है। कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनके घर का बिल गलत तरीके से लाखों में पहुंच गया है, जिसे सुधारने के बजाय विभाग ने पूरी लाइन ही काट दी। ग्रामीण अब सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि बिल में छूट दी जाए या भुगतान के लिए आसान किश्तें बांधी जाएं।

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बिहार में सामूहिक सजा की नीति पर सवाल

नवादा की यह घटना बिहार के कई इलाकों में अपनाई जा रही उस नीति की याद दिलाती है, जहां कुछ लोगों के बकाया के कारण पूरे मोहल्ले या गांव को 'सामूहिक सजा' दी जाती है। एक तरफ राज्य सरकार मुफ्त बिजली की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं से वंचित करना विरोधाभास पैदा करता है। जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में विभाग को सिर्फ डिफॉल्टरों के कनेक्शन काटने चाहिए, न कि पूरे ट्रांसफार्मर को बंद कर निर्दोषों और नियमित भुगतान करने वालों को परेशान करना चाहिए।

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