Bihar Chunav 2025: महुआ सीट से ही निर्दलीय उतरने के लिए क्यों हुंकार भर रहे हैं Tej Pratap Yadav?
Tej Pratap Yadav Mahua Seat: बिहार का सियासी पारा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प रहने वाला है, क्योंकि एनडीए और महागठबंधन के अलावा प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी मैदान में है। इसके अलावा, लालू यादव के परिवार में भी फूट पड़ गई है और उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पार्टी और परिवार से बेदखल होने के बाद अकेले ही मोर्चा संभाले हुए हैं। तेजप्रताप यादव ने महुआ का दौरा किया और इस दौरान आरजेडी के झंडे के बजाय उनकी सभा में हरे-पीले झंडे दिखाई दिए।
महुआ विधानसभा 1990 के बाद के दशक से आरजेडी का गढ़ रहा है। यहां यादव और मुस्लिम आबादी लगभग 35% है जबकि अनुसूचित जनजाति की आबादी करीब 21 फीसदी है। तेजप्रताप यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बिहार में अपना राजनीतिक संघर्ष जारी रखेंगे। महुआ ही नहीं प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी यात्राएं करेंगे। समझिए कि महुआ से ही चुनाव लड़ने पर उनका इतना जोर क्यों है?

Tej Pratap Yadav का महुआ सीट पर इन कारणों से है जोर
मई 2025 में तेजप्रताप ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के साथ रिश्ते का खुलासा किया था, जिसके बाद लालू प्रसाद यादव ने उन्हें परिवार और RJD दोनों से बेदखल कर दिया। फिलहाल वह अपने सरकारी आवास में परिवार से दूर अकेले ही रहते हैं। उन्होंने पार्टी से निष्कासन के बाद पहला बड़ा राजनैतिक दौरा महुआ में किया है, जहां भारी संख्या में उनके समर्थक भी जुटे। महुआ से चुनाव लड़ने के पीछे कई अहम वजहें हैं:
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1. तेज प्रताप यादव ने 27 साल की उम्र में अपना पहला विधानसभा चुनाव 2010 में आरजेडी के टिकट से महुआ से ही लड़ा था। यहां के वोट बैंक समीकरणों को देखते हुए उम्मीद के मुताबिक उन्होंने यहां से 28,155 मतों से बड़ी जीत दर्ज की थी। महुआ से चुनाव लड़ने का ऐलान कर वह अपनी पुरानी सीट के मतदाताओं से सहानुभूति बटोरने की कोशिश में जुटे हैं।
2. तेजप्रताप यादव के लिए महुआ अपेक्षाकृत आसान सीट हो सकती है, क्योंकि यहां 35 फीसदी आबादी मुस्लिम और यादव बहुल है। बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं की मानें, तो ऐसी संभावना बन सकती है कि यहां से महागठबंधन तगड़ी फाइट न करे और कमजोर उम्मीदवार उतार दे।
3. तेजप्रताप यादव को जबसे पार्टी से निकाला गया है, वह लगातार बिना नाम लिए तेजस्वी के करीबी लोगों पर साजिश करने का आरोप लगाते रहे हैं। महुआ में उन्होंने अपने दौरे के दौरान एक बार फिर इमोशनल कार्ड खेला था। यहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज के साथ ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का भी आश्वासन दिया हैं।
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4. तेजप्रताप यादव को यह भी उम्मीद है कि महुआ में उनके अपने समर्थक बड़ी संख्या में हैं और वह आरजेडी के कोर वोट बैंक में आराम से सेंध लगा लेंगे। हालांकि, यहां से किसकी जीत होगी यह तो सभी पार्टियों के उम्मीदवारों को उतारने के बाद ही तय होगा।












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