'हर घर में एक सरकारी नौकरी' पर सियासत सुलगी! तेजस्वी के वादे पर BJP का पलटवार–बेवकूफ बनाने का पैंतरा!
Bihar Election 2025 (Tejashwi Yadav): बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का तापमान चढ़ गया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के वादे "हर घर में एक सरकारी नौकरी" ने पूरे सियासी माहौल को गरमा दिया है। जहां एक तरफ तेजस्वी इसे "बिहार का सपना" बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने इसे "झूठे वादों का पहाड़" कहकर पूरी तरह खारिज कर दिया है।
तेजस्वी का यह बयान बिहार में रोजगार और युवाओं की बेकारी के मुद्दे को फिर से केंद्र में ले आया है। लेकिन इस बार राजनीति सिर्फ रोजगार पर नहीं, बल्कि विश्वसनीयता और यथार्थ पर भी हो रही है। पटना में एक जनसभा के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो बिहार के हर घर में कम से कम एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। तेजस्वी का यह बयान सुनते ही भाजपा ने मोर्चा खोल दिया और जैसे-जैसे बयानबाजी बढ़ी, माहौल में गर्मी भी बढ़ती गई।

BJP का पलटवार, 'दो बेवकूफ बिहार को फिर पीछे ले जाना चाहते हैं'
बीजेपी नेता अजय आलोक ने तेजस्वी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा,"एक मूर्ख बाग को बर्बाद करने के लिए काफी होता है, लेकिन महागठबंधन में तो दो-दो हैं! पिता ने जंगलराज दिया, और अब पोता तीन करोड़ सरकारी नौकरी देने चला है।"
अजय आलोक ने तंज कसते हुए कहा कि जब पूरे देश में सरकारी नौकरियों की संख्या करीब 2.65 करोड़ है, तो बिहार में 3 करोड़ नौकरियां देने का वादा सिर्फ मज़ाक है। उन्होंने जोड़ा, ''पहले बिहार को 50 साल पीछे ले गए, अब दो-दो 'मूर्ख' मिलकर फिर वही कर रहे हैं। बिहार को एक मूर्ख मिला जिसने बिहार को 50 साल पीछे ले गया और अब यहां दो मूर्ख हैं, और बड़ा मूर्ख दुनिया भर में घूम रहा है।"
BJP नेता संजय जायसवाल- सरकार नहीं बनने वाली इसलिए ऐसे बयान
बेतिया से बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने तेजस्वी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब किसी पार्टी को समझ में आ जाता है कि अब सरकार नहीं बनने वाली, तो वह ऐसे हवाई वादे करने लगती है।
उन्होंने कहा, "तेजस्वी यादव और महागठबंधन को अब भरोसा नहीं कि जनता उन्हें सत्ता में लाएगी। इसलिए अब वे कह रहे हैं कि हर घर में सरकारी नौकरी देंगे। कल कहेंगे कि जो हमें वोट देगा, उसे चांद पर ले जाएंगे!" जायसवाल के मुताबिक, तेजस्वी का बयान यह स्वीकारोक्ति है कि महागठबंधन चुनावी दौड़ से बाहर हो चुका है।
कांग्रेस का बचाव -'मैनिफेस्टो आने दीजिए, सब साफ हो जाएगा'
तेजस्वी के इस बयान पर जब सवाल कांग्रेस से पूछा गया, तो कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने संयमित लहजा अपनाया। उन्होंने कहा, "थोड़ा इंतजार कीजिए, हमारा घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) आने वाला है। उसमें सब स्पष्ट हो जाएगा। जो बातें हम करेंगे, वे हमारे विजन का हिस्सा होंगी और हम उन्हें पूरा करने की दिशा में काम करेंगे।" गहलोत ने कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र ही असली दस्तावेज होगा, जिससे यह तय होगा कि पार्टी युवाओं के लिए क्या योजनाएं लाने वाली है।
'वादा तोड़ने वालों की जमात'-BJP का बड़ा हमला
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने तेजस्वी यादव के वादे को "झूठ की राजनीति" बताया। उन्होंने कहा, "इंडिया अलायंस वादाखिलाफी करने वालों का समूह है। जिनके पास जंगलराज, तानाशाही और भ्रष्टाचार की विरासत है, वे अब रोजगार की बात कर रहे हैं!"
तरुण चुग ने NDA सरकार के काम गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा, "केवल एक महीने में 75 लाख महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा गया है, और युवाओं के लिए ₹62,000 करोड़ का पैकेज दिया गया है। NDA का लक्ष्य है - हर हाथ को काम, हर गांव में विकास।"
'लालू-राबड़ी ने 1% भी नहीं दिया नौकरी', हरि सहनी का हमला
बिहार के मंत्री हरि सहनी ने भी तेजस्वी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "लालू-राबड़ी के शासन में एक प्रतिशत भी नौकरी नहीं दी गई। तब पूरा बिहार परिवारवाद और भ्रष्टाचार की गिरफ्त में था। अब वही परिवार फिर से झूठे वादों से जनता को लुभाना चाहता है।"
उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता अब सब जान चुकी है कि NDA के शासन में बिहार "जंगलराज से मंगलराज" की ओर बढ़ा है। उन्होंने कहा,"लोग तय कर चुके हैं कि इस बार फिर मजबूत NDA सरकार बनेगी।"












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