चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान, आशा कार्यकर्ताओं को तीन गुना मानदेय, ममता कर्मियों को भी गुड न्यूज!
ASHA and Mamta Workers: बिहार में चुनावी मौसम नजदीक है। ऐसे में हर तरफ से वादों की बौछार जारी है, वहीं सत्ता पक्ष अपने कामों को गिनाने में भी लगी है। कई जॉब वैकेंसी का ऐलान भी किया जा चुका है। इसी बीच आशा कार्यकर्ताओं की शिकायत दूर करने की कोशिश बिहार सरकार द्वारा की गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले आशा और ममता कार्यकर्ताओं के लिए मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है। इस फैसले से न केवल इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में भी मदद मिलेगी।

आशा और ममता कार्यकर्ता लंबे समय से मानदेय को बढ़ाने की मांग कर रहीं थी। अपनी मांग को लेकर ये कार्यकर्ता कई बार सड़कों पर भी उतर चुकीं हैं। अब, चुनाव से ठीक पहले उनकी मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं को अब मिलेगा 3 हजार रुपए
सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अब आशा कार्यकर्ताओं को पहले की तुलना में तीन गुना ज्यादा मानदेय मिलेगा। पहले उन्हें 1,000 रुपए दिए जाते थे, लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 3,000 रुपए कर दी गई है।
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ममता कार्यकर्ताओं के लिए भी बड़ी राहत
सीएम ने बताया कि ममता कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रोत्साहन राशि को बढ़ाया गया है। पहले उन्हें प्रति प्रसव 300 रुपए दिए जाते थे, जो अब बढ़ाकर 600 रुपए कर दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण इलाकों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।
2005 से लगातार हो रहा सुधार
नीतीश कुमार ने कहा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। आशा और ममता कार्यकर्ताओं ने इन सुधारों को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाई है।
चुनाव से पहले कल्याणकारी घोषणाओं की श्रृंखला
बिहार में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार लगातार नई योजनाओं का ऐलान कर रही है। हाल ही में मान्यता प्राप्त पत्रकारों की पेंशन में बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा राज्य सरकार ने नया डोमिसाइल नीति भी लागू की है, जिसके तहत सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण अब केवल बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं को मिलेगा।
बिजली और स्वच्छता कर्मियों के लिए नई पहल
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का निर्णय भी लिया है। साथ ही स्वच्छता कर्मियों के अधिकारों की रक्षा, उनके पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए "राज्य स्वच्छता कर्मी आयोग" के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
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