US Strike Iran Ship: 20 बार दी चेतावनी, नहीं माना तो अमेरिका ने होर्मुज में जो किया, देखकर कांप उठेगा ईरान
US Missile Strike Iran Cargo Ship: होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी सेना ने एक मालवाहक जहाज पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे रोक दिया। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज उसकी नेवी की नाकेबंदी तोड़कर ईरान के एक पोर्ट की तरफ जा रहा था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, जहाज को 20 से ज्यादा बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर उसे निष्क्रिय कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में जारी तनाव और बढ़ा दिया है।

US Missile Strike Iran: 20 Warning के बाद लिया गया Action
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गाम्बिया के झंडे वाला कार्गो शिप M/V Lian Star ओमान की खाड़ी से ईरान की तरफ बढ़ रहा था। अमेरिकी नेवी ने उसे 20 से ज्यादा बार रेडियो मैसेज और चेतावनी भेजी। जब जहाज ने किसी भी निर्देश का पालन नहीं किया, तब अमेरिका ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया। एक सैन्य विमान ने हेलफायर मिसाइल से जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया। इससे जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया और उसका सफर वहीं रुक गया।
अमेरिका ने क्यों की Missile Strike?
अमेरिका का कहना है कि उसने ईरानी पोर्ट्स की नाकेबंदी लागू कर रखी है और किसी भी जहाज को वहां पहुंचने की अनुमति नहीं है। वॉशिंगटन का आरोप है कि ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही को प्रभावित किया था, जिसके जवाब में यह कदम उठाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाए रखना है। इसी नीति के तहत अमेरिकी सेना उन जहाजों को रोक रही है जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने की कोशिश कर रहे हैं।
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Strait of Hormuz tension: 116 जहाजों का Route बदला गया
सेंट्रल कमांड ने बताया कि नाकेबंदी को प्रभावी बनाने के लिए अब तक 5 कमर्शियल जहाजों को सीधे रोका गया है। इसके अलावा 116 जहाजों का रूट बदलवाया गया ताकि वे ईरानी पोर्ट्स की तरफ न जा सकें। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई मौजूदा सीजफायर व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है। हालांकि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि समुद्री व्यापार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र से दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
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होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इसलिए यहां होने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर बातचीत की चर्चा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता बनी हुई है।












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