आसमान में फाइटर जेट और नीचे बड़ी वॉर्निंग, Donald Trump ने शेयर की खौफनाक तस्वीर, एक पोस्ट ने हिलाया इंटरनेट!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर अपनी एक ऐसी एआई-जेनरेटेड (AI-generated) तस्वीर शेयर की है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इस तस्वीर में ट्रम्प किसी सुपरहीरो या महाशक्तिशाली मिलिट्री कमांडर की तरह नजर आ रहे हैं, जो सीधे तौर पर अपने विरोधियों को चुनौती दे रहे हैं। यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में युद्ध की चिंगारी एक बार फिर भड़कती हुई दिखाई दे रही है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस डिजिटल आर्ट को पोस्ट किया है। तस्वीर में वे एक शाही और भारी-भरकम मिलिट्री यूनिफॉर्म पहने हुए सामने की तरफ उंगली से इशारा कर रहे हैं। उनके पीछे आसमान में लड़ाकू विमान (फाइटर जेट्स) उड़ रहे हैं और नीचे समुद्र की उफनती लहरों को चीरते हुए अमेरिकी युद्धपोत आगे बढ़ रहे हैं।

इस आक्रामक विजुअल के नीचे ट्रम्प ने बड़े अक्षरों में लिखा है- YOU'RE GETTING DISCOMBOBULATED (यानी तुम्हारे होश उड़ने वाले हैं)। उनके इस पोस्ट को मिडिल ईस्ट के दुश्मनों के लिए एक सीधे वॉर्निंग शॉट के रूप में देखा जा रहा है।
'हम दोबारा जंग शुरू करने में पूरी तरह सक्षम'
ट्रम्प की इस तस्वीर के पीछे छिपे कड़े संदेश को अमेरिका के युद्ध सचिव (Secretary of War) पीट हेगसेथ के बयान से और हवा मिल गई है। सिंगापुर में एक रक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका दोबारा युद्ध शुरू करने के लिए "पूरी तरह सक्षम" है।
उन्होंने अमेरिकी सेना की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा, 'हमारा हथियारों का भंडार इस काम के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।' इसके तुरंत बाद, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर तस्दीक की कि अमेरिकी सेना पूरे क्षेत्र में पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क है।
ईरान ने अमेरिका के 'ड्रोन' को मार गिराया
एक तरफ जहां व्हाइट हाउस इस तनाव को कम करने के लिए एक संभावित राजनयिक फ्रेमवर्क का आकलन कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर टकराव बढ़ता जा रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी एयर डिफेंस ने शनिवार को एक मानवरहित विमान (ड्रोन) को मार गिराया, जिसे उन्होंने 'अमेरिकी-जायोनी हमलावर दुश्मन' का बताया है।
बातचीत के मोर्चे पर भी ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। बकाई ने तंज कसते हुए कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ने 47 साल पहले ही 'ऐसा करना ही होगा' (Must) वाली भाषा को अलविदा कह दिया था।' उन्होंने माना कि पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
इजरायली सेना 30 किमी अंदर घुसी
मिडिल ईस्ट का यह संकट केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि लेबनान के मोर्चे पर स्थिति बेहद खतरनाक हो चुकी है। अप्रैल में हुआ सीजफायर अब पूरी तरह टूट चुका है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि उनकी जमीनी सेना लेबनान की सीमा में 30 किलोमीटर से ज्यादा अंदर तक घुस चुकी है और शनिवार को भी कई गांवों को खाली करने के अल्टीमेटम जारी किए गए।
बता दें कि यह पूरा बवाल मार्च की शुरुआत में तब भड़का था जब एक संयुक्त अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता मारे गए थे, जिसके बाद हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे थे। अब युद्ध को रोकने के लिए अगले हफ्ते इजरायल और लेबनान के बीच चौथे दौर की सीधी बातचीत होने वाली है, लेकिन ट्रम्प की इस नई हुंकार ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है।















Click it and Unblock the Notifications