विपक्षी दलों की बैठक को लेकर गुरुवार को पहुंच रहे पश्चिम बंगाल और दिल्ली के CM, ये है प्लान ?
Mahagatbandhan Meeting In Bihar: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सियासी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना में 23 जून को विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। चर्चा है कि इस बैठक में देशभर के करीब 18 सियासी दलों के नेता शिरकत करेंगे।
विपक्षी एकता को मज़बूत करने के लिए हो रही इस बैठक की मेज़बानी बिहारी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं। 23 जून शुक्रवार को बैठक होने वाली है, लेकिन जानकारी मिल रही है कि गुरुवार से ही विपक्षी दलों के नेताओं के कदम पटना में पड़ने शुरू हो जाएंगे।

गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉफ्रेंस प्रमुख उमर अब्दुल्ला समेत कई नेता पटना पहुंच रहे हैं। सभी नेताओं के लिए गेस्ट हाउस में ठहरने का इंतज़ाम किया गया है।
विपक्षी एकता को मज़बूत करने की मकसद से हो रही इस बैठक में, आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक शाम 5 बजे तक आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पटना एयरपोर्ट पर पहुंच रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष), राहुल गांधी (पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष) हेमंत सोरेन (मुख्यमंत्री, झारखंड) अखिलेश यादव(पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश) उद्धव ठाकरे(पूर्व मुख्यमंत्री,महाराष्ट्र) शरद पवार(एनसीपी सुप्रीमो) सीताराम येचुरी (वाम नेता) और डी राजा समेत कई दिग्गज नेता 23 जून शुक्रवार को बैठक में शामिल पटना पहुंचेंगे।
भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए सीएम नीतीश की पहल पर भारतीय जनता पार्टी लगातार निशाना साध रही है। भाजपा नेताओं ने इसे 'विपक्ष का कांग्रेस मुक्त अभियान' बताया है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बीजेपी मुक्त भारत के लिए यह बैठक नहीं है, बल्कि कांग्रेस मुक्त भारत के लिए बैठक की जा रही है।
ममता बनर्जी जिस तरह से बंगाल में कांग्रेस को चुनाव लड़ने से मना कर रही है, उसी तरह दिल्ली और पंजाब में अरविंद केजरीवाल कांग्रेस को चुनाव लड़ने से मना कर रहे हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव, तेलंगाना में कांग्रेस केसीआर कांग्रेस को चुनाव नहीं लड़ने देना चाहते हैं।
भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय दल नहीं चाहती की कांग्रेस उनके राज्य में चुनाव लड़े। विपक्ष के रुख को देख कर ऐसा लग रहा है कि यह बैठक 'कांग्रेस मुक्त भारत' अभियान न बन जाए। वहीं जदयू नेता ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए बैठक में रणनीति तैयार हो जाएगी। भाजपा को अपनी हार का अंदाज़ा अभी से होने लग गया है, इसलिए भाजपा नेता कुछ भी बोल रहे हैं।












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