Weather MP News: फरवरी में बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश-तूफान का अलर्ट, IMD की चेतावनी
Weather MP News: उत्तर भारत समेत मध्य भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। फरवरी के महीने में जहां लोगों को मार्च जैसी गर्मी का अहसास होने लगा था, वहीं अब मौसम अचानक बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 17 और 18 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित देश के करीब 10 राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम में यह बदलाव एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है, जिसका असर उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली नमी लेकर आ रही है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज होगी और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

IMD की ताजा प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है, लेकिन इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को हाल की गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
मध्य प्रदेश की बात करें तो 17 फरवरी को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन 18 फरवरी को असर ज्यादा दिखाई देगा। IMD भोपाल केंद्र ने 18 और 19 फरवरी के लिए करीब 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। सिवनी, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों के साथ सागर संभाग के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने का जोखिम भी बताया गया है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में कमी आ सकती है।
उत्तर प्रदेश में खासतौर पर पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, शामली और सहारनपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी यूपी में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों-हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर और चूरू-में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान धूलभरी हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का असर और ज्यादा रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 17 से 19 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और पर्यटन स्थलों पर ठंड बढ़ सकती है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
तापमान के लिहाज से देखा जाए तो फरवरी में अब तक कई हिस्सों में सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया गया था, लेकिन बारिश के इस दौर के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। हालांकि मौसम साफ होने के बाद तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यह फरवरी में बारिश का तीसरा दौर है, इससे पहले भी आंधी, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि दर्ज की जा चुकी है।
IMD ने लोगों और किसानों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें, तेज हवाओं के दौरान ढीले ढांचे और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खड़ी फसलों को सुरक्षित रखें और मौसम अपडेट के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं। यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जरूर जांच लें।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 18-19 फरवरी तक बना रह सकता है, इसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने की संभावना है। हालांकि बदलते मौसम के इस दौर में तापमान और मौसम की स्थिति में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।












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