Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bhopal News: माखनलाल विश्वविद्यालय में छात्र तीसरी मंजिल से गिरा, हालत गंभीर; पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। विश्वविद्यालय के हॉस्टल भवन की तीसरी मंजिल से एक छात्र नीचे गिर गया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

घायल छात्र की पहचान दिव्यांश चौकसे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से रायसेन जिले का रहने वाला है। वह मास्टर इन मास कम्युनिकेशन (एमए मास कम्युनिकेशन) के पहले सेमेस्टर का छात्र है। डॉक्टरों के अनुसार, दिव्यांश को सिर, सीने और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, और उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

Student falls from third floor of Makhanlal University police investigating CCTV footage

हादसा कैसे हुआ?

घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, दिव्यांश क्लास से ब्रेक लेकर बालकनी की ओर गया था। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तीसरे फ्लोर की बालकनी से सीधे नीचे गिर पड़ा। गिरने की तेज आवाज सुनते ही आसपास मौजूद छात्र और स्टाफ सदस्य मौके पर दौड़कर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दिव्यांश जमीन पर बेहोश पड़ा था और उसके शरीर से खून बह रहा था। हादसे के तुरंत बाद परिसर में चीख-पुकार मच गई, और छात्रों में दहशत का माहौल छा गया।

विश्वविद्यालय के स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए दिव्यांश को फौरन एम्बुलेंस से नजदीकी गीतांजलि अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया। अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि दिव्यांश को सिर में गंभीर चोट, सीने में फ्रैक्चर और शरीर के अन्य हिस्सों में متعدد आंतरिक चोटें लगी हैं। वह आईसीयू में वेंटिलेटर पर है, और डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। अस्पताल सूत्रों ने कहा कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, और फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बालकनी की सुरक्षा पर सवाल

हादसे वाली बालकनी तीसरे फ्लोर पर स्थित है, जहां करीब साढ़े तीन फीट ऊंची स्टील रेलिंग लगी हुई है। छात्रों का कहना है कि रेलिंग पर्याप्त ऊंची तो है, लेकिन बारिश या फिसलन भरे फर्श के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन घटना स्थल से कुछ दूरी पर होने के कारण सीधे फुटेज उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा, "प्रारंभिक जांच में लगता है कि छात्र का पैर फिसलने से यह हादसा हुआ है। हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और छात्रों-स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल यह दुर्घटना लग रही है, लेकिन हर पहलू की गहन जांच होगी।" पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विश्वविद्यालय प्रशासन से भी सहयोग मांगा है।

दिव्यांश कौन है? सोशल मीडिया पर सक्रिय

दिव्यांश चौकसे रायसेन जिले के एक छोटे से कस्बे से ताल्लुक रखता है। वह पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए भोपाल आया था और विश्वविद्यालय में अपनी मेहनत से जगह बनाई थी। साथी छात्रों के अनुसार, दिव्यांश काफी महत्वाकांक्षी और मिलनसार स्वभाव का था। वह सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय था और इंस्टाग्राम पर 'NCERT ज्ञान' नाम से एक पेज चलाता था। इस अकाउंट पर उसके पांच लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जहां वह शिक्षा, करंट अफेयर्स और मोटिवेशनल कंटेंट शेयर करता था। हादसे की खबर फैलते ही उसके फॉलोअर्स और दोस्तों में चिंता की लहर दौड़ गई। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर उसके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं की हैं।

साथी छात्रों ने स्पष्ट किया कि यह हादसा पूरी तरह दुर्घटनावश हुआ है। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "दिव्यांश क्लास के बाद बालकनी में खड़ा होकर फ्रेश हो रहा था। कोई आत्महत्या जैसी बात नहीं है। वह खुशमिजाज लड़का था और पढ़ाई में अच्छा कर रहा था।" विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों ने भी यही बात दोहराई और प्रशासन से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की।

विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए बहुत दुखद घटना है। दिव्यांश हमारे परिवार का हिस्सा है। हम अस्पताल में उसकी हरसंभव मदद कर रहे हैं और उसके परिजनों से लगातार संपर्क में हैं।" विश्वविद्यालय ने हादसे के बाद सभी छात्रों के लिए काउंसलिंग सेशन आयोजित करने की घोषणा की है। साथ ही, बालकनी और सीढ़ियों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए गए हैं।

दिव्यांश के परिजन रायसेन से भोपाल पहुंच चुके हैं और अस्पताल में डटे हुए हैं। उनकी मां ने मीडिया से बात करते हुए आंसू भरी आंखों से कहा, "मेरा बेटा बहुत होशियार है। बस भगवान से यही दुआ है कि वह जल्द ठीक हो जाए।"

सुरक्षा चूक या दुर्घटना?

यह घटना विश्वविद्यालयों में सुरक्षा मानकों पर फिर से सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों में रेलिंग की ऊंचाई कम से कम चार फीट होनी चाहिए, और फर्श को एंटी-स्लिप सामग्री से ढकना जरूरी है। भोपाल में बारिश के मौसम में फिसलन के कारण ऐसे हादसे पहले भी हो चुके हैं। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि क्या कोई लापरवाही हुई या यह शुद्ध दुर्घटना थी।

फिलहाल, दिव्यांश की जिंदगी की जंग जारी है। विश्वविद्यालय समुदाय और उसके फॉलोअर्स उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्द ही स्वस्थ होकर वापस लौटेगा। यह घटना न केवल एक छात्र की जिंदगी से जुड़ी है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के मुद्दे को भी उजागर कर रही है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+