जानिए ड्रग पार्टी के लिए कितने रूपये वसूलता था यासीन मछली, भोपाल की काली रातों का खुलासा
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी, जहां दिन में लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त रहते हैं, वहीं रात होते ही एक अलग ही दुनिया सजती थी। इस अंधेरी दुनिया का सरगना था यासीन अहमद, जिसे लोग 'मछली' के नाम से जानते थे।
डीजे के रूप में मशहूर यासीन भोपाल की नाइटलाइफ का बेताज बादशाह था, लेकिन उसकी चमक-दमक के पीछे छिपा था ड्रग्स और अवैध पार्टीज का काला कारोबार। क्राइम ब्रांच ने हाल ही में इस हाई-प्रोफाइल ड्रग तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है, और जो खुलासे सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं!

पब-क्लब से फार्म हाउस तक: कैसे रची जाती थी साजिश?
यासीन मछली भोपाल के मशहूर क्लब, लाउंज और पब में अपनी जाल बिछाता था। वह नशे के आदी युवक-युवतियों को टारगेट करता, जो रात की रंगीनियों में खोने के लिए तैयार रहते थे। इन पब्स में वह पहले से तय जगह पर लोगों को इकट्ठा करता और फिर अपनी अगली चाल चलता। योजना बनने के बाद, ये लोग शहर के बाहरी इलाकों में बने सुनसान फार्म हाउस की ओर रवाना होते, जहां रात भर चलने वाली रेव पार्टीज का आयोजन होता था।
इन पार्टीज में प्रवेश के लिए सख्त नियम थे। केवल पास धारकों को ही एंट्री मिलती थी, और यह पास सस्ता नहीं आता था। जी हां, यासीन इन रेव पार्टीज में शामिल होने के लिए 10,000 से 25,000 रुपये तक की भारी-भरकम रकम वसूलता था। लेकिन यह तो बस शुरुआत थी! ड्रग्स के लिए अलग से मोटी रकम वसूली जाती थी, जिसे चुकाने के लिए नशे के आदी लोग हर हद पार करने को तैयार रहते थे।
रात भर की मस्ती, लाउड म्यूजिक और ड्रग्स का नशा
पुलिस पूछताछ में यासीन ने बताया कि इन फार्म हाउस पार्टीज का आयोजन बेहद सुनियोजित तरीके से होता था। फार्म हाउस का चयन इस तरह किया जाता था कि वह आबादी से दूर हो, ताकि रात भर लाउड म्यूजिक, डांस और मस्ती की शिकायत न हो। इन पार्टीज में ड्रग्स का खुला खेल चलता था। म्यूजिक की तेज धुनों के बीच ड्रग्स का नशा, डांस का उन्माद और अवैध गतिविधियां अपने चरम पर होती थीं।
क्राइम ब्रांच को यासीन के मोबाइल से कई रेव पार्टीज के वीडियो भी मिले हैं, जो इस काले कारोबार की गवाही देते हैं। इन वीडियोज में रात की रंगीनियों में डूबे लोग, ड्रग्स का खुला इस्तेमाल और अवैध गतिविधियों का माहौल साफ नजर आता है।
क्राइम ब्रांच की सख्ती: पब-क्लब मालिकों पर नकेल
क्राइम ब्रांच अब इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। शहर के उन सभी क्लब, पब और लाउंज के मालिकों और मैनेजरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जहां यासीन और उसके गिरोह का आना-जाना था। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इन पब-क्लब के मालिक या स्टाफ यासीन के इस ड्रग तस्करी रैकेट में शामिल थे।
शैलेंद्र सिंह चौहान, क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी, ने बताया कि यासीन का गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। हर पार्टी से पहले पब में लोग जमा होते, फिर एक साथ वैन्यू की ओर रवाना होते। फार्म हाउस की लोकेशन को गुप्त रखा जाता था, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति वहां तक न पहुंच सके।
भोपाल की नाइटलाइफ पर सवालिया निशान
यासीन मछली के इस ड्रग तस्करी रैकेट के खुलासे ने भोपाल की नाइटलाइफ पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे एक डीजे इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार चला रहा था? क्या पब और क्लब के मालिक इस गोरखधंधे से अनजान थे, या फिर वे भी इस काले खेल का हिस्सा थे?
पुलिस अब इस रैकेट के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। यासीन के मोबाइल से मिले सबूतों और उसकी पूछताछ से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। यह मामला न केवल भोपाल की नाइटलाइफ के काले चेहरे को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि हमारे शहर के युवा कितने सुरक्षित हैं।












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