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MP News: रात में लड़की को मैसेज करने वाले सबलगढ़ SDM बर्खास्त, CM मोहन यादव का एक्शन; जानें पूरा मामला

Sabalgarh SDM: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ तहसील में एक एसडीएम का महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया। सबलगढ़ के एसडीएम अरविंद माहौर पर एक महिला और उसकी बेटी से फोन पर अश्लील बातें करने, धमकी देने और पटवारियों के अवैध तबादले के गंभीर आरोप लगे हैं।

इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी अधिकारियों के आचरण को लेकर भी बहस छेड़ दी है। कलेक्टर ने पहले ही उन्हें पद से हटा दिया था, लेकिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें तत्काल निलंबित (बर्खास्तगी) करने के आदेश जारी कर दिए।

Sabalgarh SDM dismissed for messaging a girl at night CM Mohan Yadav takes action learn full story

सीएम ने अपने एक्स हैंडल पर स्पष्ट शब्दों में कहा, "जनसेवा में आचरण की मर्यादा से कोई समझौता स्वीकार नहीं है।" यह कार्रवाई पीड़ित परिवार की गुहार और एक वायरल वीडियो के बाद हुई, जिसमें एसडीएम की आपत्तिजनक टिप्पणियां कैद हैं।

यह मामला मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के 'महिला सशक्तिकरण' अभियान के बीच आया है, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं 'लाड़ली बहना' और 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह' जैसी योजनाओं के प्रणेता हैं। ऐसे में, एक वरिष्ठ अधिकारी का ऐसा व्यवहार न केवल शर्मनाक है, बल्कि सरकारी छवि को भी धक्का पहुंचा रहा है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं - आरोपों से लेकर कार्रवाई तक।

विवाद की शुरुआत: जनसुनवाई में परिवार की फरियाद

यह मामला मंगलवार (16 सितंबर 2025) को मुरैना कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान तब उजागर हुआ, जब पीड़ित परिवार - एक महिला, उनकी बेटी और देवर - कलेक्टर अंकित अस्थाना के समक्ष पहुंचे। परिवार ने एसडीएम अरविंद माहौर पर कई गंभीर आरोप लगाए। मुख्य आरोप यह था कि एसडीएम रात के समय महिला की बेटी को फोन करके अश्लील मैसेज भेजते थे और आपत्तिजनक बातें करते थे। पीड़ित महिला ने बताया कि एसडीएम ने न केवल उनकी बेटी को निशाना बनाया, बल्कि पूरे परिवार को धमकी भी दी। एक घटना में, एसडीएम कथित तौर पर महिला के देवर की दुकान पर पहुंचे और कहा, "तेरी बेटी और तेरी भाभी में बहुत गर्मी है। झूठे केस में फंसा दूंगा।" यह बातें सुनकर परिवार डर गया।

परिवार ने कलेक्टर को एक वीडियो भी दिखाया, जो किसी ने गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया था। वीडियो में एसडीएम अरविंद माहौर मोबाइल फोन पर बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं, और सामने खड़े व्यक्ति से आपत्तिजनक शब्दों में कहते हैं, "उसकी लुगाई में ज्यादा गर्मी है, बात होती है तेरी।" वीडियो करीब 46 सेकंड का है, जिसमें एसडीएम महिलाओं के प्रति अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते नजर आते हैं। परिवार ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने उनकी जमीन विवाद में पक्षपात किया और पटवारियों को नियमविरुद्ध तरीके से तबादला करवाया, ताकि उनका काम न हो।
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई और कहा कि यदि एसडीएम पर कार्रवाई न हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। यह सुनकर कलेक्टर अंकित अस्थाना ने तुरंत संज्ञान लिया।

उन्होंने एसडीएम को मुख्यालय अटैच (पद से हटाकर) कर दिया और उनकी जगह मेघा तिवारी को सबलगढ़ का नया एसडीएम नियुक्त कर दिया। कलेक्टर ने प्रतिवेदन तैयार कर चंबल डिवीजन के कमिश्नर को भेज दिया, ताकि उच्च स्तरीय जांच हो सके।

वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा: सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मंगलवार को जनसुनवाई के बाद पीड़ित परिवार ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। स्थानीय लोगों ने एसडीएम पर भ्रष्टाचार और महिलाओं के उत्पीड़न के पुराने आरोप भी लगाए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "एसडीएम जमीन विवादों में पैसों के लिए पक्ष लेते थे। अब महिलाओं पर ऐसी हरकतें? शर्मनाक है।" विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, "भाजपा सरकार में अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा का दावा खोखला साबित हो रहा।"

वीडियो में एसडीएम का व्यवहार इतना घृणित था कि महिलाओं के अधिकार संगठनों ने भी केंद्रीय महिला आयोग से शिकायत की। संगठन की एक सदस्य ने कहा, "यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है। एसडीएम जैसे अधिकारी महिलाओं को डराने का काम कर रहे हैं।" सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने सीएम मोहन यादव से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

सीएम मोहन यादव का त्वरित एक्शन: निलंबन के आदेश और सख्त संदेश

शुक्रवार (19 सितंबर 2025) को मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में आया। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट साझा कर सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर को तत्काल निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए। सीएम ने लिखा, "मुरैना जिले के सबलगढ़ के एसडीएम अरविंद माहौर के विरुद्ध महिला से अभद्र व्यवहार एवं नियमविरुद्ध पटवारियों के तबादले करने की गंभीर शिकायतों के संज्ञान में आने के पश्चात् एसडीएम को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये हैं। इस प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी जारी किये गये हैं। जनसेवा में आचरण की मर्यादा से कोई समझौता स्वीकार नहीं है।"

यह पोस्ट सुबह 10 बजे के करीब साझा की गई, और इसे अब तक 50 हजार से अधिक लाइक्स और 10 हजार रीट्वीट्स मिल चुके हैं। सीएम का यह कदम सराहनीय माना जा रहा है, क्योंकि यह 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दर्शाता है। राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी होने के नाते, निलंबन का आदेश चंबल कमिश्नर स्तर से जारी होगा, और आगे विभागीय जांच होगी। यदि आरोप साबित हुए, तो बर्खास्तगी भी हो सकती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव, जो उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं और 2023 से एमपी के सीएम हैं, महिलाओं के मुद्दों पर हमेशा सख्त रुख अपनाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने 'मिशन वात्सल्य' और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। इस घटना ने उनकी छवि को और मजबूत किया है।

एसडीएम का बैकग्राउंड: पुराने विवादों का इतिहास?

अरविंद माहौर, जो मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी हैं, सबलगढ़ में पिछले कुछ महीनों से तैनात थे। उनके बारे में स्थानीय स्तर पर जमीन विवादों में पक्षपात और अवैध तबादलों के आरोप पहले से लगते रहे हैं। एक सूत्र ने बताया कि पटवारी तबादले के लिए वे रिश्वत मांगते थे। लेकिन महिलाओं से अभद्र व्यवहार का यह पहला दर्ज मामला है। निलंबन के बाद एसडीएम से संपर्क नहीं हो पा रहा, लेकिन उनके परिजनों ने कहा कि वे निर्दोष हैं और यह राजनीतिक साजिश है।

महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल, प्रशासन की जवाबदेही

यह मामला मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है। राज्य में NCRB डेटा के अनुसार, 2024 में महिलाओं के खिलाफ 50 हजार से अधिक केस दर्ज हुए। एक सरकारी अधिकारी का ऐसा व्यवहार न केवल पीड़ित परिवार को आहत करता है, बल्कि पूरे सिस्टम पर भरोसे को कमजोर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षण और सख्त निगरानी की जरूरत है।

घटनाक्रम की समयरेखा

  • तारीखघटना16 सितंबर 2025जनसुनवाई में पीड़ित परिवार ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज की; वीडियो दिखाया।
  • 16 सितंबर 2025कलेक्टर ने एसडीएम को मुख्यालय अटैच कर दिया; नई एसडीएम नियुक्त।
  • 17-18 सितंबर 2025वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; जनाक्रोश बढ़ा।
  • 19 सितंबर 2025सीएम मोहन यादव ने एक्स पर निलंबन के आदेश जारी किए।
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