लिफ्ट देकर लुटेरी हसीना कैसे छुड़ाती थी लोगों का पसीना, भोपाल की रातीबड़ पुलिस ने किया खुलासा
भोपाल की रातीबड़ पुलिस ने लिफ्ट देकर लोगों को फंसाने वाली लड़की के गैंग का खुलासा किया है। लड़की अपने ब्वॉयफ्रैंड व गैंग के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग और लूट का खेल खेल रही थी।
भोपाल, 14 अप्रैल। रातीबड़ पुलिस ने भोपाल में लिफ्ट देकर लोगों को फंसाने वाले 21 साल की अंजलि के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस ने बताया कि वह भोपाल के कई इलाकों में बीते 3 साल से अपने बॉयफ्रेंड और गैंग के अन्य साथियों के साथ मिलकर ब्लैक मेलिंग और लूट का खेल खेल रही थी। उसके टारगेट पर शहर के 125 लोग थे।

पुलिस को यह बात तब पता चली, जब पुलिस ने लड़की के मोबाइल की चैट खोली। इस मामले में अब तक रातीबड़ पुलिस लड़की समेत छह लोगों को पकड़ चुकी है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। लड़की ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देख कर लूट और ब्लैकमेलिंग का रास्ता चुना।
अंजलि और गैंग के अन्य सदस्य कैसे बनाते थे लोगों को अपना शिकार?
पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर आरोपी अंजलि ने बताया कि वह कॉल गर्ल की वेबसाइट से भोपाल के लोगों का नंबर निकालती थी और खुद को कॉल गर्ल बताकर उनसे चैट करती थी। और सामने वाला कितना पैसे वाला है ये जानने के लिए वह अपना चार्ज फिक्स करती थी, एक मीटिंग के लिए 4 हजार और पूरी रात के लिए 12 हजार रुपये का चार्ज बताती। पैसे एडवांस में लेने की शर्त रखी जाती थी। और सौदा तय होने के बाद अंजलि उसे रातीबड़ या कोलार की लोकेशन पर रात 11 बजे बुलाती थी।

सौदा फिक्स होने के बाद शिकार के आने से पहले ही पहुंच जाती थी गैंग
चैटिंग पर सौदा होते ही क्लाइंट को बुलाने के बाद अंजली पहले से ही उस रास्ते पर मौजूद रहती। उसका 28 साल का बॉयफ्रेंड दीपक बिष्ट और गैंग के अन्य सदस्य कुछ दूरी पर इंतजार करने लगते। टारगेट के वहां पहुंचते ही अंजलि लिफ्ट लेने के बहाने उसकी कार में बैठ जाती। कार आगे बढ़ती अंजलि युवक से बात करने लगती। इस दौरान वे उसके पास गोल्ड और कैश का अंदाजा लगा लेती थी। मोटी रकम होने की बात पता चलते ही अंजली फोन से दीपक को सिग्नल दे देती है। कुछ देर बाद दीपक साथियों के साथ मिलकर कार को घेर कर रोक लेता और लूटपाट की घटना को अंजाम देते।
इसके बाद शुरू होता है ब्लैक मेलिंग का खेल
लिफ्ट लेते समय अंजलि कार वाले को ये नहीं बताती थी कि उसी ने कॉल करके बुलाया है। दीपक अपनी टीम के साथ घटना का वीडियो बनाने लगता और अंजलि पीड़ित से बचने का नाटक करते हुए बचाव-बचाव चिल्लाने लगती। यह देख पीड़ित घबरा जाता और वह गोल्ड से लेकर रुपए तक उन्हें दे देता। रकम मिलते सभी आरोपी वहां से गायब हो जाते।
लोक लाज के डर से लोग नहीं करते थे शिकायत
लोग बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करते थे। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रुत्कीर्ति सोमवंशी का कहना है कि अभी तक एक ही शिकायत आई है, लेकिन लड़की ने बीते 3 साल से कोलार और रातीबड़ के सुनसान इलाकों में वारदात करना कबूल किया है। जिस तरह से पूरा नाटक करते थे, उससे लोग घबरा जाते होंगे। यही कारण है कि अब तक इनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई। अब उम्मीद है कि लोग सामने आएंगे।
पुलिस ने इस केस में अंजली के अलावा 23 साल के आकाश लोधी, 28 साल के दीपक बिष्ट, 19 साल के रितिक रैकवार, 25 साल के प्रिंस मालवीय और आकाश पवार को पकड़ा है। एक अन्य की तलाश की जा रही है।
इस घटना के बाद पुलिस की पकड़ में आया गैंग
थाना रातीबड़ में दिनांक 27 मार्च 2022 को एक फरियादी अरुण राय द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई गई। फरियादी ने भदभदा के पास उसकी सेंट्रो कार में लिफ्ट लेने, अपने साथियों के साथ सुनसान इलाके में मारपीट कर गाड़ी ले जाने, अपहरण करने, मौका मिलने पर स्वयं की गाड़ी लेकर भागने, पैसे ले जाने की रिपोर्ट थाना रातीबड़ में कराई। घटना की गंभीरता के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शीघ्रता से वारदात का खुलासा करने एवं आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु उचित दिशा-निर्देश देकर आदेशित किया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए गैंग का खुलासा किया।












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