दिग्विजय के गढ़ में गरजेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, 11 लाख किसानों को 13 जून को मिलेगा ब्याज माफी का लाभ
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के गढ़ राजगढ़ में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात देने आ रहे हैं। 13 जून को सरकार ब्याज भुगतान के लिए 1500 करोड़ रुपए सहकारी समितियों के अकाउंट में ट्रांसफर करेगी।

MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गढ़ में 13 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह किसानों को बड़ी सौगात देने वाले हैं। बता दे मध्य प्रदेश के 11 लाख 19 हजार से अधिक किसानों के ब्याज भुगतान के लिए राज्य सरकार 1500 करोड़ रुपए 13 जून को साढ़े चार हजार प्राथमिक सहकारी समितियों के बैंक खातों में डाल देगी। इसके बाद अगले दिन से मूलधन चुकाने और ब्याज न भरने के कारण डिफाल्टर हुए किसानों को डिफाल्टर की श्रेणी से बाहर करने के लिए अभियान शुरू हो जाएगा। अब तक इस योजना में साढे आठ लाख किसानों ने आवेदन किया है। आवेदन करने वाले सभी पात्र किसानों के बकाया ब्याज की भरपाई सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद प्रदेश भर के सहकारी समितियों बैंकों के बकायेदार किसानों ने योजना में आवेदन करना शुरू कर दिए थे कुल 11 लाख 19 हजार किसान इस योजना के दायरे में आ रहे हैं। इसमें पूर्व सीएम कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई जय किसान कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिल पाने के कारण डिफॉल्टर हुए साढ़े चार लाख किसान भी शामिल है। जय किसान कर्ज माफी योजना में साल 2007 के बाद डिफाल्टर किसानों के कर्ज का ब्याज माफ करने के निर्देश दिए हैं जो 31 मार्च 2023 तक सहकारी बैंकों और सहकारी समितियों के कर्ज का ब्याज नहीं चुका पा रहे हैं और उनका कुल कर्ज ₹2 लाख से अधिक नहीं हो।
व्हाट्सएप से सूचना
जिन आवेदक किसानों के आवेदन आ चुके हैं, उन्हें अपेक्स बैंक सहकारी बैंकों और समितियों की तरफ से व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर पुष्टि की जा रही है कि मुख्यमंत्री कृषक ब्याज योजना के लिए उनका आवेदन प्राप्त हो चुका है।
सांसद-विधायक और सरकारी नौकरी तो नहीं मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना में सांसद, विधायक, सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी, अधिकारी आयकर दाता, नगरीय निकाय और ग्रामीण अंचलों के वेतन भोगी जनप्रतिनिधि इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। साथ ही बड़े बकायेदारों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। केवल ₹2 लाख तक जिनका कर्ज बाकी है, उन्हें ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
दिवंगत गायब आवेदकों की तलाश
इस योजना के शुरू होने के पहले कर्ज लेने वाले कई किसान दिवंगत हो चुके है। आधा और 1 एकड़ जमीन वाले किसान अल्प आय के चलते अपने क्षेत्रों से पलायन कर दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। उनकी भी खोजबीन की जा रही है। दिवंगत किसानों की जमीनें उनके जिन बच्चों और रिश्तेदारों के नाम पर ट्रांसफर हुई है। उसमें आईडी के जरिए ट्रांसफर करा कर बच्चे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। जो किसान अपने खेत दूसरों को बेच चुके हैं तो नए खरीददारों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सहकारी समितियां अभी तक आवेदन नहीं करने वाले किसानों की खोजबीन कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications