साउथ इंडियन को भोपाल बुलाकर लूटने वाले आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा, फिल्मी स्टाइल में दिया था घटना को अंजाम
Bhopal Crime News: राजधानी की क्राइम ब्रांच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्लास्टिक मटेरियल के व्यापारी से 21 लाख रुपये की लूट करने वालों को धर दबोच लिया। दरअसल बदमाशों ने साउथ इंडियन व्यापारी को प्लास्टिक बेचने के बहाने भोपाल बुलाया था। फिर कार में बिठा कर उसे खाली मकान में लेकर गए, जहां पर उसको कट्टा दिखाकर इंटरनेट बैंकिंग से पैसे ट्रांसफर करवा लिए थे। बदमाश पैसा अपने खाते में आने तक फरियादी को साथ में घुमाते रहे। इसके बाद उसे इंदौर हाईवे पर छोड़कर फरार हो गए थे।
DCP क्राइम श्रुतकीर्ती सोमवंशी ने बताया कि मदुरै के रहने वाले बी सतीश (39) पुत्र टी बिरैया वीरा इंडस्ट्रीज के नाम से प्लास्टिक का बिजनेस करते हैं। उनका बिजनेस और कई राज्यों से भी चलता है। एक अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया। इसके बाद मोबाइल पर कॉल कर बात की। जिसने खुद को प्लास्टिक व्यापारी बताया और अपने पास 25 टन कच्चा माल होने की बात कही।

इसके बाद आरोपी ने व्यापारी से कहा कि फोटो भेज देते हैं। तो व्यापारी ने भोपाल आकर सौदा करने को बोला। 23 जून को सतीश चेन्नई से मुंबई होते हुए दोपहर करीब 12 बजे भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने संत आशाराम तिराहा, गांधीनगर आने को बोला। जहां पर उसके तीन साथी पहले से मौजूद थे। तीनों ने कार में बैठाया और उसे ग्वालियर हाईवे पर लेकर निकल गए।
कमीशन मिलने के बाद ही छोड़ने की बात कही
इस दौरान किसी से फोन पर लगातार बने रहे और एक कमरे पर ले जाकर बंधकर बना लिया। इसके बाद दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक बंधक बनाकर रखा। कमरे में उसके साथ पिस्टल दिखाकर मारपीट की और 7 अलग-अलग खाते में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उसके मोबाइल से परिवार के फोटो ले लिए और शिकायत न करने की धमकी देने लगे। शिकायत न करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। 6 बजे बदमाश सतीश को फिर लेकर निकले और रात करीब 10 बजे अपने साथ रखा। इस दौरान उन्होंने किसी से फोन पर बात की और कमीशन मिलने के बाद ही छोड़ने की बात कही। इसके बाद इंदौर हाइवे पर छोड़ दिया। उसके साथ बुजुर्ग व्यक्ति था जिसके मकान पर ले गए थे। उसने आईफोन भी छीन लिया। सतीश डर की वजह से फ्लाइट पकड़कर मदुरै निकल गया।
गाड़ी के नंबर से पकड़ाए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने टीम गठित की। टीम ने CCTV की मदद से मारूति स्विफ्ट कार की पहचान की। फरियादी ने गाड़ी का नंबर दिया था जिसकी मदद से पता चला कि मालिक ने गाड़ी किसी को बेच दी थी। उसके बताए अनुसार गाड़ी के असली मालिक परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी के रहने वाले हमीद उर्फ बंटी पुत्र स्वर्गीय हबीब खान के बारे में पता चला। घर जाकर पता करने पर जानकारी मिली कि हफ्तेभर से घर नहीं आया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली तीन लोग भोपाल से भागने की फिराक में हैं। टीम ने घेराबंदी करके ईंटखेड़ी के रहने वाली सद्दाम अली पुत्र सलीम अली, राम सिंह मीणा पुत्र आशाराम मीणा औ हमीद को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि 23 जून को व्यापारी को आशिक, हमीद और सद्दाम ने कार में बैठाया। कार सद्दाम चला रहा था और आशिक, हमीद पीछे की सीट पर बैठे थे। तीनों बैरसिया होते हुए शमशाबाद स्थित राम सिंह के मकान पर लेकर गए। जहां पर घटना को अंजाम दिया। इसके बाद बीनागंज चाचौडा गुना में रात 11 बजे रास्ते में उतारकर सभी अलग- अलग भाग निकले। हमीद ने 2 लाख, सद्दाम ने 1 लाख, आशिक को 2 लाख और राम सिंह को 50 हजार मिलने की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस अभी आरोपियों के पास से पैसा रिकवर नहीं कर पाई है। वहीं मुख्य आरोपी आशिक और फोन करने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है।
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