Bhopal News: बिहार और कोलकाता की जेल में बंद अपराधियों ने रची थी गोल्ड बैंक लूटने की साजिश, बड़ा खुलासा
DCP सोमवंशी ने बताया कि प्रशांत उर्फ राजा पंडित और सुरेश दिए गए फर्जी आधार कार्ड लेकर मार्च के दूसरे हफ्ते में भोपाल आए थे दोनों को भोपाल से 40 से 50 किलोमीटर दूर रहने के लिए कहा गया था।

भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस और पिपलानी थाना पुलिस ने मिलकर 1 महीने की कड़ी मशक्कत के बाद गोल्ड बैंक लूटने का प्रयास करने वाले लुटेरों का खुलासा कर दिया है। लूट की प्लानिंग पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बिहार के पटना जेल में रची गई थी। वारदात के मास्टरमाइंड अलग-अलग राज्यों की जेल में बंद है उन्होंने ही रैकी करने के लिए लुटेरों को बाइक, सोने की चेन और ₹35 हजार दिलवाए थे।
सोमवार को डीसीपी क्राइम श्रुत्कीर्ति सोमवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 अप्रैल को पिपलानी थाना क्षेत्र में संचालित फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड (फास्ट गोल्ड लोन) बैंक में चार नकाबपोश बदमाश घुस गए थे हालांकि बैंक मैनेजर की सतर्कता से आरोपी बैंक को लूटने में कामयाब नहीं हो सके। पूरी वारदात बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी आरोपियों में शामिल प्रशांत उर्फ राजा पंडित को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि प्रेमराज सुरेश और शिवम फरार है। चारों आरोपियों में शामिल प्रेमराज पिता जयप्रकाश निवासी हाजीपुर वैशाली बिहार, प्रशांत उर्फ राजा पंडित शुभम हाजीपुर बिहार, शिवम हाजीपुर बिहार और सुरेश मुजफ्फरनगर बिहार का रहने वाला है।
सोने की चेन गिरवी रखने के लिए दी थी
पकड़े गए आरोपी प्रशांत उर्फ राजा पंडित ने पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कोलकाता की जेल में बंद बदमाश नियंतक और पटना जेल में बंद सनी सिंह ने बैंक लूटने की योजना मार्च के पहले हफ्ते में तैयार की थी। नियंतक ने उसके लिए एक बाइक सोने की चेन ₹35000 और नितेश यादव के नाम का फर्जी आधार कार्ड मुहैया कराया था जबकि पटना जेल में बंद सनी सिंह ने अपने साथी शिवम के जरिए प्रेमराज और सुरेश को वारदात में सहयोग के लिए तैयार किया था। यही नहीं, आरोपी सुरेश को अशोक शर्मा के नाम का फर्जी आधार कार्ड भी दिया गया था, जबकि शिवम को बाइक 5 घंटे और 50 कारतूस मुहैया कराए गए थे।
डीसीपी सोमवंशी ने बताया कि प्रशांत उर्फ राजा पंडित और सुरेश दिए गए फर्जी आधार कार्ड लेकर मार्च के दूसरे हफ्ते में भोपाल आए थे दोनों को भोपाल से 40 से 50 किलोमीटर दूर रहने के लिए कहा गया था। आरोपी मकान खोजने के लिए एक दिन विदिशा में होटल अशोका में जबकि दूसरे दिन सीहोर के होटल में रुके थे।
कैसे बैंक लूटने का किया था प्रयास
पुलिस ने बताया कि लूट के आरोपी 18 मार्च को सोने की चैन गिरवी रखने पहुंचे थे इस संबंध में मैनेजर से बात की थी लोकल आईडी नहीं होने के कारण बैंक अफसरों ने लोन देने से मना कर दिया था पुलिस के मुताबिक आरोपी लोन के बहाने रेकी करने पहुंचे थे। इसके बाद आरोपियों ने कट्टा आड़ा कर बैंक से सोना लूटने की कोशिश की, लेकिन बैंक मैनेजर की सतर्कता के चलते ऐसा करने में नाकाम रहे। लूट की असफल कोशिश के बाद आरोपी बिलखिरिया के रास्ते विदिशा पहुंचे जहां आरोपियों ने बाइक छोड़ दी। साथ ही ऑटो से राहतगढ़ होते हुए बीना पहुंचे। यहां से ट्रेन के जरिए झांसी पहुंचे ट्रेन से एक आरोपी उतरकर आगरा की ओर जा रही बस में रवाना हो गया बाकी तीनों आरोपी वाराणसी पहुंचे, जहां दूसरी ट्रेन से पटना पहुंच गए।












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