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भोपाल पुलिस बर्बरता का नया खुलासा: CCTV फुटेज से साफ हुई सच्चाई – DSP के साले उदित गायकी कैसे हुई हत्या, जानिए

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की कथित गुंडागर्दी का मामला अब और गहरा हो गया है। पिपलानी थाना क्षेत्र में बालाघाट DSP केतन अडलक के साले 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र उदित गायकी की मौत के पीछे छिपी सच्चाई नए CCTV फुटेज से सामने आ गई है।

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो पुलिस आरक्षकों ने उदित को सड़क पर अर्धनग्न करके लोहे की रॉड से 10-15 मिनट तक बेरहमी से पीटा, क्योंकि उन्होंने 10,000 रुपये की रिश्वत देने से इनकार कर दिया था।

New revelation of Bhopal police brutality CCTV footage DSP brother-in-law Udit Gayaki dances

पिटाई से उनका पैनक्रियाज फट गया, जिससे ट्रॉमेटिक हेमरेजिक पैनक्रियाटाइटिस और आंतरिक रक्तस्राव हुआ, और मौत हो गई। शुरुआती FIR में पुलिस ने मौत का कारण "हार्ट अटैक" बताया था, लेकिन शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इसे झूठा साबित कर दिया। एम्स भोपाल की रिपोर्ट में शरीर पर 16 गंभीर चोटों का जिक्र है, जो पिटाई का सीधा प्रमाण हैं। दोषी आरक्षक संतोष बामनिया और सौरभ आर्य को निलंबित करने के बाद 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनके खिलाफ IPC धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज हो चुका है।

परिवार ने FIR में गलत जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है, जबकि विपक्ष ने इसे "खाकी का आतंक" करार दिया। यह घटना मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ी कर रही है, खासकर हाल के सिवनी हवाला कांड और नर्सिंग घोटाले के बाद।

नए CCTV फुटेज - जो इंद्रपुरी सी-सेक्टर की एक दुकान से रिकॉर्ड हुआ - ने पुलिस के दावे को धराशायी कर दिया। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी उदित को घसीटते हुए ले जाते हैं और बिना किसी उकसावे के पिटाई शुरू कर देते हैं। दोस्तों ने बताया कि रिश्वत की मांग भी की गई थी - "मामला रफा-दफा करने के लिए 10,000 रुपये दो।" इनकार पर पिटाई और तेज हो गई।

पार्टी से सड़क पर पिटाई, रिश्वत की मांग और दोस्तों की गुहार

घटना 9-10 अक्टूबर 2025 की देर रात करीब 1:30 बजे पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में श्रेयस कोचिंग सेंटर के पास हुई। उदित गायकी, जो VIT भोपाल से B.Tech फाइनल ईयर के छात्र थे, अपने दोस्तों अक्षत भार्गव, नितेश और दीपक के साथ कार (एमपी-04-सीटी-4532) में पार्टी कर रहे थे। दोस्तों के अनुसार, वे शराब पीकर मस्ती में नाच-गाने कर रहे थे - एक वीडियो में उदित खुशी से डांस करता दिख रहा है। पड़ोसियों की शिकायत पर शोर मचाने का बहाना बनाकर पिपलानी थाने के गश्ती पुलिसकर्मी संतोष बामनिया और सौरभ आर्य वहां पहुंचे।

उदित ने पुलिस देखकर घबरा गए, क्योंकि नशे की वजह से डर लगा। वे कार से उतरकर पास की गली में भागे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा किया। दोस्तों ने बताया कि पुलिस ने पहले उन्हें रोका, फिर बिना वजह तलाशी ली। जब उदित ने विरोध किया, तो दोनों ने उनकी टी-शर्ट उतार ली और सड़क पर घसीटना शुरू कर दिया।

नए CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि 10-15 मिनट तक लोहे की रॉड से पिटाई की गई - सिर, छाती, पेट और पैरों पर वार। दोस्तों ने रोकने की कोशिश की, तो पुलिस ने उनसे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी - "मामला रफा-दफा करने के लिए।" इनकार पर पिटाई और तेज हो गई। उदित की नसें फट गईं, खून बहने लगा, और वे तड़पने लगे। लगातार उल्टी होने पर दोस्तों ने उन्हें बाइक पर लादकर हमीदिया अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने एम्स रेफर कर दिया। एम्स पहुंचते ही समय करीब 3:30-4:00 बजे उदित की सांसें थम गईं। पुलिस ने शुरुआत में हार्ट अटैक का दावा किया और FIR में भी यही लिखा। लेकिन दोस्तों के बयान और वायरल CCTV ने सच्चाई उजागर कर दी।

पोस्टमॉर्टम का सनसनीखेज खुलासा: पैनक्रियाज फटने से मौत, FIR में हार्ट अटैक का झूठा दावा

10 अक्टूबर को एम्स भोपाल में पैनल द्वारा शॉर्ट पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के साथ किया गया। रिपोर्ट में मौत का कारण "ट्रॉमेटिक हेमरेजिक पैनक्रियाटाइटिस" बताया गया - यानी पिटाई से पैनक्रियाज में गंभीर चोट लगी, इंटरनल ब्लीडिंग हुई, और ट्रॉमेटिक शॉक से हृदय गति रुक गई। शरीर पर 12-16 गंभीर चोटें पाई गईं - सिर, छाती, पेट, पीठ और पैरों पर। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी चोटें केवल बेरहमी भरी पिटाई से ही संभव हैं। फाइनल रिपोर्ट 3-4 दिनों में आएगी, लेकिन प्रारंभिक निष्कर्षों ने पुलिस के हार्ट अटैक दावे को झूठा साबित कर दिया।

परिवार ने FIR में मौत की वजह छिपाने का आरोप लगाया। DSP केतन अडलक ने कहा, "FIR में हार्ट अटैक लिखा, लेकिन CCTV और PM ने साबित कर दिया कि हत्या हुई। CBI जांच होनी चाहिए।" दोस्तों ने बताया कि पुलिस ने घटना की सूचना देरी से दी और वीडियो छिपाने की कोशिश की।

FIR में छिपाई सच्चाई: हार्ट अटैक का झूठा दावा, अब हत्या का केस

शुरुआती FIR में पुलिस ने मौत को "आकस्मिक" बताया और हार्ट अटैक का जिक्र किया, लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद 11 अक्टूबर को धारा 302 (हत्या) और 34 (साझा इरादा) जोड़ी गई। DCP विवेक सिंह ने कहा, "रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि चोटें ही मौत का कारण। निष्पक्ष जांच होगी।" SP सिटी समीर शर्मा ने SIT गठित की, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं। 12 अक्टूबर को दोनों आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बैंगलोर में 5-8 लाख का पैकेज, होनहार की दर्दनाक कहानी

उदित गायकी एक होनहार छात्र थे। VIT से B.Tech पूरा करने के बाद उन्हें बैंगलोर की IT कंपनी से 5-8 लाख सालाना का पैकेज मिला था। वे भोपाल डॉक्यूमेंट्स लेने आए थे। पिता राजकुमार गायकी MPEB में इंजीनियर हैं, मां शिक्षिका। DSP केतन ने कहा, "उदित मेरा भाई-सा था। पुलिस ने जानवरों जैसा व्यवहार किया।" मां ने बिलखते हुए कहा, "पार्टी कर रहा था, अपराध क्या? रिश्वत मांगी, न दी तो मार डाला।" परिवार ने फांसी और CBI की मांग की।

पुलिस कार्रवाई: सस्पेंड, गिरफ्तार, लेकिन सवाल बाकी

10 अक्टूबर को दोनों को सस्पेंड कर लिया गया। 12 अक्टूबर को गिरफ्तारी हुई। SIT जांच कर रही, जिसमें दोस्तों के बयान, CCTV और CDR शामिल। लेकिन परिवार ने कहा, "पुलिस खुद जांच करेगी तो न्याय कहां?"

परिवार का दर्द: "जान ले ली मेरे बच्चे की", प्रदर्शन की धमकी

परिजन रो-रोकर बुरे हाल में हैं। मां: "जेल में डाल देते, हाथ-पैर तोड़ देते, जान क्यों ले ली?" दोस्तों ने Justice For Udit कैंपेन चलाया। परिवार ने 48 घंटों में सख्त कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।

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