जब देश में मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब धान का भाव 4500 रुपये प्रति क्विंटल था- पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। विधानसभा घेराव का ऐलान करते हुए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राजधानी भोपाल के जवाहर चौक पर जुटे।
यहां पर कांग्रेस नेताओं ने सभा की, लेकिन धारा 144 लागू होने और विधानसभा सत्र चलने के कारण वे विधानसभा घेराव के लिए आगे नहीं बढ़ सके। पुलिस की ओर से विधानसभा की ओर बढ़ने पर रोक लगाई गई, और इस कारण कांग्रेस नेताओं ने मंच पर ही गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जल्द ही रिहा भी कर दिया गया।

किसानों की खराब स्थिति पर अरुण यादव का बयान
इस बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि जब देश में मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब धान का मूल्य 4500 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि अब धान का भाव केवल 2000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज किसानों को उनके उत्पाद के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। यादव ने कहा, "आज उत्पादन बढ़ने के बावजूद किसानों को धान, कपास, और सोयाबीन की फसल के दाम नहीं मिल रहे। किसान सड़कों पर खड़ा है, लेकिन उसकी फसल को खरीदने वाला कोई नहीं है।"

कांग्रेस का आंदोलन
कांग्रेस ने विधानसभा सत्र के पहले दिन सरकार के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। सभा के बाद कांग्रेस नेताओं ने जवाहर चौक पर ही गिरफ्तारी दी। पुलिस ने विधानसभा क्षेत्र में धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। इसके बाद कांग्रेस नेता आष्टा में खुदकुशी करने वाले कारोबारी मनोज परमार के बच्चों से मिलने के लिए आष्टा रवाना हो गए।
कांग्रेस का यह आंदोलन राज्य में किसानों की समस्याओं और उनके उत्पादों के उचित दाम नहीं मिलने की समस्या को लेकर था। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया और राज्य के किसानों की बदहाली को प्रमुख मुद्दा बनाया।

आने वाली चुनौतियां
इस प्रदर्शन से यह भी संकेत मिलता है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रही है और किसानों के मुद्दे को प्रमुख रूप से उठाएगी। सरकार के खिलाफ किसान विरोधी नीतियों को लेकर कांग्रेस का यह आक्रामक रुख आगामी दिनों में और तेज हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications