मध्य प्रदेश: विवादों में घिरा MBBS का नया सिलेबस, पढ़ाई जाएगी हिंदुत्व के प्रचारकों की जीवनी
मध्य प्रदेश के MBBS के छात्रों को अब हिंदुत्व के प्रचारकों की जीवनी पढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार अब एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के सिलेबस में बदलाव करने जा रही है।
भोपाल, 5 सितंबर। मध्य प्रदेश के MBBS के छात्रों को अब हिंदुत्व के प्रचारकों की जीवनी पढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार अब एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के सिलेबस में बदलाव करने जा रही है। राज्य के शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैल्यू बेस्ड मेडिकल एजुकेशन के लिए आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. आंबेडकर, स्वामी विवेकानंद, महर्षि चरक, आचार्य सुश्रुत के विचारों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है।

बता दें कि हेडगेवार, दीनदयाल उपाध्याय, स्वामी विवेकानंद संघ के हिंदुत्व एजेंडे का हिस्सा रहे हैं, जिन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपना वैचारिक गुरु मानती है। शिक्षामंत्री ने कहा कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र आयुर्वेद के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक महर्षि चरक और भारत में सर्जरी के पिता के रूप में जाने जाने वाले ऋषि सुश्रुत के बारे में भी बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों के पाठ छात्रों में मूल्यों, सिद्धांतों, सामाजिक और चिकित्सा नैतिकता को विकसित करेंगे। एमबीबीएस छात्रों के लिए अगला शैक्षणिक सत्र इस साल के अंत तक शुरू होने की संभावना है। सारंग ने कहा कि नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने कहा है कि नैतिक मूल्यों को प्रथम वर्ष (एमबीबीएस) में फाउंडेशन कोर्स का हिस्सा होना चाहिए।
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इसलिए हमने छात्रों के चरित्र निर्माण के लिए इन महान हस्तियों को शामिल करने के बारे में सोचा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य फाउंडेशन कोर्स की सामग्री को अंतिम रूप देते हैं।
हेडगेवार ने की थी आरएसएस की स्थापना
बता दें कि केशव बलिराम हेडगेवार ने जो खुद एक सर्जन थे, ने हिंदुत्व की विचारधारा के आधार पर 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से एक थे और भाजपा के अग्रदूत थे। शिक्षा मंत्री सारंग ने कहा कि आरएसएस के पहले प्रमुख हेडगेवारजी, उपाध्यायजी, विवेकानंदजी और बीआर अंबेडकरजी महान दूरदर्शी और अच्छे इंसान थे। उनका जीवन मूल्यों पर आधारित था। उनके विचार, आचरण और व्यक्तित्व प्रेरणादायक हैं।












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