रेत माफिया पर सख्त हुई मध्य प्रदेश सरकार, वैध उत्खनन व परिवहन को देंगे संरक्षण
भोपाल। रेत के अवैध कारोबार को लेकर मध्य प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को पूरी तरह से रोका जाएगा। वैध उत्खनन और परिवहन करने वाले ठेकेदारों को राज्य शासन संरक्षण देगी और उन्हें पूरी मदद दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में सीएम हाउस में रेत ठेकेदारों और जिला खनिज अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए चर्चा की। बैठक में खनिज मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और खनिज विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैध रेत उत्खनन और परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए भोपाल और भिण्ड जिलों में अच्छे प्रयोग हुए हैं। इन जिलों के मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर, भोपाल, भिण्ड, कटनी, उमरिया, शहडोल, छतरपुर जिलों के रेत ठेकेदारों से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा की। उनकी समस्यायें सुनी और सुझाव लिए।
मुख्यमंत्री ने रेत ठेकेदारों से प्राप्त सुझाव पर संबंधित विभागों द्वारा विचार कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेत ठेकेदारों और खनिज विभाग के अधिकारियों और शासन के मध्य निरंतर संवाद आगे भी जारी रहे। इन ठेकेदारों की समस्याओं का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाता रहे। बता दें कि मध्य प्रदेश में 43 रेत खनन वाले जिले हैं। वर्तमान में 39 जिलों में रेत उत्खनन हो रहा है। भोपाल में एंट्री प्वाईन्टस पर जांच चौकियों की स्थापना की गई है। इन चौकियों पर खनिज, राजस्व, वन, कृषि उपज मण्डी, ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत समन्वय अधिकारी और पुलिस विभागों का अमला तीन शिफ्टों में कार्यरत है। भिण्ड जिले में रेत वाहनों की जांच के लिए आरएफआईडी प्रणाली आधारित व्यवस्था है। 400 से अधिक वाहनों में आरएफआईडी स्थापित की गई है। यहां आरएफआईडी रीडर युक्त नाका संचालित है।












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